हरियाणा के रोहतक में दशहरे पर अनोखा रावण दरबार सजा। शहर के सेक्टर छह स्थित बाग में सरकार की पूरी कैबिनेट ने दरबार में उपस्थित होकर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। जनता ने भी अपना दर्द सुनाया। किसी ने पेंशन काटने का दर्द बयां किया तो किसी ने शिकायत के बावजूद पेंशन शुरू नहीं होने का दुखड़ा सुनाया। कुछ की तो पेंशन शुरू ही नहीं हुई है। विधवाओं ने पेंशन के बदले अपने पति मांगे तो बेरोजगारों ने रोजगार के अवसर। दरबार के बाद नवीन जयहिंद ने रावण बनकर सरकार का पुतला फूंका।
दरअसल बुधवार को सेक्टर छह के बाग में रावण दरबार लगाया गया। यहां पर ग्रामीणों ने अपनी पेंशन, रोजगार व अन्य समस्याओं को रखा। दरबार में रावण बने नवीन जयहिंद ने 102 वर्षीय बुजुर्ग दुलीचंद के साथ तख्त पर कुर्सी लगाकर बनाए सिंहासन पर बैठकर लोगों की समस्याएं सुनीं। यहीं सरकार की पूरी कैबिनेट भी हाजिर रही। यहां सभी मंत्रियों ने बारी-बारी से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए अपना पक्ष रखा।
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मंत्रियों ने सरकार में अपना वजूद महज खानापूर्ति का बताया तो शीर्ष नेताओं ने पावर अपने हाथ में होने व अपनी मनमर्जी से काम करने का दावा किया। इसमें स्कूल बंद करना, शिक्षकों की भर्ती न करना, विभागों में भर्ती न करना, डॉक्टर, नर्स की नियुक्ति न करना, रोजगार न देना, महंगाई पर नियंत्रण नहीं करना व अन्य मुद्दे शामिल रहे। इन मुद्दों को लेकर नवीन जयहिंद ने कहा कि रावण इन सबसे बेहतर है।
वह वेदों का ज्ञाता, प्रकांड विद्वान व बलशाली था। उसे उसका अहंकार ले डूबा। जबकि सरकार हर दिन जनता से अन्याय कर रही है। ऐसे में इन्हें रावण के पुतले का दहन करने का अधिकार नहीं है। रावण ने न तो स्कूल बंद किए, न शिक्षकों के तबादले किए। रावण का पुतला फूंकने के लिए राम का चरित्र होना जरूरी है। इसलिए पुतला रावण का नहीं सरकार का फूंका जाएगा। इस मौके पर कई अन्य मौजूद रहे।