रोहतक। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के साथ ही 25 मई से नौतपा की शुरुआत होगी और दो जून तक लोगों को सूर्य की प्रचंड गर्मी का सामना करना पड़ेगा। नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें सीधी पृथ्वी पर पड़ती हैं, इसलिए नौतपा के नौ दिनों को साल के सबसे गर्म दिन माने जाते हैं। 24 साल बाद नौतपा की अवधि में गुरु और शुक्र ग्रह अस्त रहेंगे।
चिन्योट कॉलोनी निवासी पंडित सुरेश वशिष्ठ ने बताया कि 25 मई को सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 3:16 बजे जाएंगे और आठ जून तक इसी नक्षत्र में 1:04 तक रहेंगे। इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र लग रहा है। जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में जाते हैं तो नौतपा का प्रभाव शुरू होता है और सूर्य प्रचंड वेग से तपते हैं। इसमें पहले नौ दिनों को नौतपा कहा जाता है। सूर्य शुक्र की राशि में जाते हैं और ये आपस में मित्र नहीं होते, इसलिए सूर्य अपने प्रचंड रूप में होते हैं। सूर्य रोहिणी चंद्रमा के प्रभाव को सोख लेता है, इसलिए गर्मी अधिक पड़ती है। मई का अंतिम सप्ताह साल के सबसे गर्म दिनों में होगा। 24 साल बाद नौतपा की अवधि में गुरु और शुक्र ग्रह अस्त रहेंगे। रोहिणी नक्षत्र में आने के साथ ही सूर्य वृष राशि में गोचर (भ्रमण) करेंगे। वृष राशि में पहले से गोचर कर रहे गुरु और शुक्र ग्रह के चलते त्रिग्रही योग भी बनेगा। करीब 24 वर्ष बाद नौतपा की अवधि में गुरु और शुक्र ग्रह अस्त रहेंगे। बताया कि रोहिणी नक्षत्र में सूर्य का तेज बढ़ जाता है और वह पृथ्वी के सबसे नजदीक होते हैं।
दिन की अवधि 13 घंटे 56 मिनट तक होगी
पंडित सुरेश वशिष्ठ ने बताया कि नौतपा के दौरान तापमान कई रिकाॅर्ड तोड़ेगा। पहले दिन की अवधि बढ़कर 13 घंटे 56 मिनट की रहेगी। नौतपा के शुरुआती पांच दिन गर्मी ज्यादा पड़ने के आसार हैं। इसके बाद आंधी-वर्षा के योग बनने से नौतपा खंडित होगा और खंडवृष्टि के योग रहेंगे। नौतपा के दौरान पांच दिन तक तेज गर्मी पड़ती है तो आषाढ़-सावन मास में वर्षा अधिक होने के आसार बनेंगे।
करें सूर्य की आराधना और दान
रोजाना सूर्योदय में उठकर स्नान करने के बाद तांबे के लोटे में रोली, लाल फूल, चावल व गेहूं के दाने डालकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें। सूर्य मंत्र का जाप करें और सूर्य नमस्कार करें। नौतपा में भगवान सूर्य की आराधना विशेष फलदायी होती है और सूर्य मजबूत होते हैं। ऐसा करने से जीवन में सकारात्मकता ऊर्जा का संचार बना रहता है। भगवान सूर्य को प्रसन्न करने के लिए शास्त्रों के मुताबिक दही, सत्तू, घड़े में भरा जल, रसदार फल आदि का दान करना चाहिए। गर्मी से बचाव के लिए जरूरतमंद और राहगीरों को पानी पिलाना चाहिए। शरबत, दूध, दही आदि दान करना भी बहुत पुण्यकारी माना जाता है।