माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। अंडर-19 महिला क्रिकेट विश्व कप की विजेता भारतीय टीम की कप्तान शैफाली वर्मा के घर बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहुंचे। बेटी की उपलब्धि के लिए पिता व परिजनों को बधाई दी। शेफाली ने प्रदेश ही नहीं, पूरे देश का नाम रोशन किया है। साथ ही टीम की दूसरी खिलाड़ी सोनिया को भी सराहा। उन्होंने सरकार से दोनों खिलाड़ियों को कांग्रेस कार्यकाल में लागू खेल नीति के तहत डीएसपी के पद पर नियुक्ति देने की मांग की।
खिलाड़ियों के परिजनों से मुलाकात के बाद पूर्व सीएम ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट गरीब, किसान, मजदूर, छोटा व्यापारी और किसान विरोधी है। बजट में इन्हें कोई नई राहत देने की बजाय पहले से जारी लाभकारी योजनाओं के बजट में ही कटौती कर दी है। इस बजट में हरियाणा खाली हाथ रहा। प्रदेश के लिए किसी भी तरह की विशेष योजना का एलान नहीं हुआ है।
देश व प्रदेश की जनता महंगाई और बेरोजगारी की समस्या से जूझ रही है। इसे कम करने के लिए बजट में किसी तरह का प्रावधान नहीं नजर आ रहा है। एमएसपी के लिए किसान और ओल्ड पेंशन स्कीम के लिए कर्मचारी आंदोलनरत हैं। उनकी मांगों पर भी बजट खामोश है। कोरोना के दौरान हर वर्ग को भारी नुकसान झेलना पड़ा। इस बजट में उसकी भरपाई के लिए भी कोई प्रावधान नहीं किया गया है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बजट में फर्टिलाइजर पर सब्सिडी को 2.25 से घटकर 1.75 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसी तरह फूड सब्सिडी को 2.87 से घटाकर 1.97 लाख करोड़ कर दिया गया है। ग्रामीण विकास के बजट में भी भारी कटौती करते हुए इसे 2.43 लाख करोड़ से घटाकर 2.38 लाख करोड़ कर दिया गया है।
इसी तरह मनरेगा बजट भी 89,400 करोड़ से घटाकर 60,000 करोड़ कर दिया गया है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए पिछले बजट में 12,954 करोड़ का एलान किया गया था। इस बार यह घटकर 10,787 रह गया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए पिछले बजट में 68,000 करोड़ का एलान हुआ था। इस बार इसे 60,000 करोड़ तक समेट दिया गया। पिछले बजट में फसल बीमा योजना के लिए 15,500 करोड़ रुपये का एलान था। इस बार इसे कम कर 13,625 करोड़ कर दिया है। शिक्षा और स्वास्थ्य में टोटल जीडीपी का एक प्रतिशत से भी कम प्रावधान किया है। जबकि स्वास्थ्य और शिक्षा के बजट पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।