संवाद न्यूज एजेंसी
महम। ई-टेंडरिंग का विरोध कर रहे सरपंचों का खंड कार्यालय के बाहर धरना जारी है। सरपंचों द्वारा दावा किया जा रहा है कि महम खंड के सभी सरपंच आंदोलन में शामिल हैं तथा ई टेंडरिंग का विरोध कर रहे हैं। धरना प्रदर्शन महम खंड के सरपंच एसोसिएशन के प्रधान एवं बहलबा के सरपंच सतपाल अहलावत की अध्यक्षता में चल रहा है। सरपंचों द्वारा शुक्रवार को नरवाना में होने वाले मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का विरोध करने की खबरों के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया तथा रात 9 बजे बहलबा के सरपंच एवं सरपंच एसोसिएशन के प्रधान सतपाल को पुलिस द्वारा घर से गिरफ्तार कर लिया गया। सरपंचों तक यह खबर पहुंची तो अधिकतर सरपंचों ने थाने में पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी। मुरादपुर टेकना के सरपंच निर्भय सिंह उर्फ काला, बहलबा के सरपंच कुलदीप राठी आदि ने बताया कि रात को इस तरह सरपंच प्रधान को थाने लाना गलत है। उन्होंने कहा कि उन्होंने रात को थाना प्रभारी, एएसपी व एसपी तक को फोन पर संपर्क करना चाहा, लेकिन किसी भी अधिकारी ने फोन रिसीव नहीं किया। बताया कि उन्होंने थाना प्रभारी के कमरे के बाहर दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उसके बाद उन्होंने पुलिस हेल्पलाइन नंबर डायल 112 किया। उसके बाद पुलिस पीसीआर थाने पहुंची। सरपंचों ने प्रधान की गिरफ्तारी व थाने से थाना प्रभारी के लापता होने की बात कही। उसके बाद पुलिस प्रशासन द्वारा रात दो बजे सरपंच प्रधान सतपाल अहलावत को रिहा कर दिया गया। सरपंचों का कहना था कि पुलिस द्वारा नरवाना में मुख्यमंत्री के विरोध की आशंका के चलते ऐसा किया गया है जबकि वे स्पष्ट कर चुके थे कि रविदास जयंती एक धार्मिक कार्यक्रम है वहां पर विरोध नहीं किया जाएगा। इस बारे में थाना प्रभारी रमेश कुमार का कहना है कि सरपंचों द्वारा नरवाना में मुख्यमंत्री का विरोध करने की खबरों के चलते सरपंच प्रधान को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। सरपंचों द्वारा ऐसा न करने के लिए विश्वास दिलाया गया । उसी समय सरपंच प्रधान को सरपंचों के साथ घर भेज दिया गया था।