फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak News: अपनों को वर्दी में देख आंखें हुईं नम, कोई गले मिला तो किसी ने छुए पैर

विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक। नौ माह के कठिन प्रशिक्षण के बाद 1265 जवान हरियाणा पुलिस का अंग बन गए। पुलिस की वर्दी पहनकर कदम ताल करते हुए इन जवानों ने जब परेड की तो अभिमान और खुशी से अपनों की आंखें भर आईं। पासिंग आउट परेड के बाद शुरू हुआ परिजनों से मिलने का सिलसिला। खुशी के इन पलों में कोई गले मिला तो किसी ने पैर छूकर माता-पिता का अशीर्वाद लिया। रोहतक के पीटीसी सुनारिया में बुधवार को पुलिस की पासिंग आउट परेड हुई। पास आउट होने वाले पुलिस के ये जवान 11 सितंबर 2023 से ट्रेनिंग ले रहे थे। प्रशिक्षण लेने वालों में 244 शहरी तो 1021 ग्रामीण अंचल के युवा थे। इनमें 808 स्नातक, जबकि 269 जवान परस्नातक हैं। 765 जवानों ने रोहतक के सुनारिया में और 500 ने मधुबन में प्रशिक्षण पूरा किया। पुलिस की वर्दी पहने इन जवानों में कई बीएसई, बीटेक तो कई एमए, एमएससी और एमकॉम कर चुके युवा थे।
विज्ञापन

................
प्रशिक्षण में तीन जवानों ने किया बेहतर प्रदर्शन
पासिंग आउट परेड में बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने प्रशिक्षण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जवान नरविंदर सिंह को प्रथम, वकील कुमार को द्वितीय और जगवीर सिंह को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया।
...............

अभी ये शुरुआत है... असली मुकाब बाकी है
हरियाणा पुलिस में सिपाही बनने के लिए आठ माह पढ़ाई की थी। इसके बाद मधुबन में नौ माह का कठोर प्रशिक्षण पूरा किया, तब जाकर सफलता मिली है। लेकिन, यह तो शुरुआत है। असली मुकाम तो हासिल करना बाकी है। मैं परिवार में पहला सदस्य हूं, जो सिपाही बना है। अब आगे का लक्ष्य सब इंस्पेक्टर की परीक्षा पास करना है।
विज्ञापन

-हरीश कुमार, आसन, रोहतक।
..............
बीएससी पास करने के बाद पहली बार सिपाही के लिए तैयारी की थी। करीब सात माह की तैयारी के बाद सिपाही की परीक्षा पास की। अब समाज और हरियाणा की सेवा करनी है। मौका मिला तो पदोन्नति के लिए होनी वाली परीक्षाओं में बैठकर आगे बढ़ने का प्रयास करूंगा।
-अरुण कुमार, वेस्ट रामनगर सोनीपत।
...............
छह माह की खुद की पढ़ाई के बाद सिपाही परीक्षा पास की थी। मैं प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ही असली सफलता मान रहा हूं। किसान परिवार से हूं। मेरे परिवार से पहली बार कोई सरकारी सेवा में आया है। अभी कई और परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हूं। अगर कुछ आगे बढ़ सका तो पूरा प्रयास करूंगा।
-सूरजप्रताप सिंह, फतेहाबाद।
.................
पापा निजी कंपनी में प्रबंधक हैं और बड़े भाई भी एक कंपनी में काम करते हैं। परिवार से पहली बार सरकारी सेवा में आया हूूं। बीए पास करने के बाद सिपाही की परीक्षा दी थी। इसके लिए छह माह की तैयारी की और सफलता मिल गई। अभी कुछ और परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हूं।
विज्ञापन

-कुलदीप कुमार, रेवाड़ी।
..............
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें