फोटो नंबर-33महिला कॉलेज में कार्यक्रम को संबोधित करते प्राचार्य डा. यशपाल। संवाद
नारनौल। स्थानीय राजकीय महिला महाविद्यालय में मंगलवार को महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की 144वीं जयंती बड़ी श्रद्धा भावना के साथ मनाई गई। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुंशी प्रेमचंद शिक्षा समिति सचिव छाजूराम रहे, जबकि अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. यशपाल ने की। कॉलेज में यह कार्यक्रम हिंदी विभाग की अध्यक्ष डाॅ. ममता शर्मा की देखरेख में आयोजित किया। इस मौके पर सर्वप्रथम उपस्थित सभी अतिथियों, कॉलेज स्टाफ व छात्राओं ने मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यअतिथि छाजूराम ने मुंशी प्रेमचंद के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं से कहा कि उन सभी को मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखे गए उपन्यासों को जरूर पढ़ना चाहिए।कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. यशपाल ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद साहित्यकारों में ठीक उसी प्रकार चमकने वाले महापुरुष है जैसे आकाश में ध्रुव तारा चमकता है। हिंदी विभाग की अध्यक्ष डाॅ. ममता शर्मा ने कहा कि हमें हिंदी में अनेक साहित्यकारों की कहानियां व उपन्यास पढ़ने को मिलते है परंतु जो घर-घाट-हाट-बाट की भाषा मुंशी प्रेमचंद ने अपने उपन्यासों में लिखी है उतनी सरल भाषा किसी ने नहीं लिखी। डाॅ. ममता शर्मा ने बताया कि मुंशी प्रेमचंद ने अपने उपन्यासों में हर वर्ग गरीब-अमीर सभी को एक जीवंत रूप लिखा है। इस मौके पर प्रमुख रूप से डाक्टर पारूल गुप्ता, डाॅ. अनिल यादव, डॉ. रिंकू यादव, डाॅ. अनिता गुप्ता, डाॅ. सुभाष यादव व डाॅ. गीता यादव सहित समस्त स्टाफ व छात्राएं मौजूद थी।