रोहतक। नगर निगम प्रशासन पार्षदों की बजाए आम आदमी से सीधा रूबरू होना चाहता है। ऐसे में हाउस की बैठक बुलाने की जगह मंगलवार को मेयर मनमोहन गोयल व आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा निगम कार्यालय में जनता दरबार लगाएंगे। दरबार में सभी विभागाध्यक्षों को मौजूद रहने की हिदायत दी गई है। समस्याओं से न केवल आम आदमी, बल्कि पार्षद व पूर्व पार्षद तक परेशान हैं। नगर निगम में दिसंबर 2018 में चुनाव हुए थे। पहली बार शहर के लोगों ने सीधा वोट डालकर मेयर का चुनाव किया था। साथ ही 22 पार्षद चुने थे। हालांकि तीन पार्षद बाद में सरकार ने मनोनीत किए। अब मेयर व पार्षदों के कार्यकाल का आखिरी साल चल रहा है। इसके बावजूद पार्षद व मेयर हाउस की बैठक पर ज्यादा ध्यान केंद्रित नहीं कर रहे हैं। हाउस की पिछली बैठक 17 फरवरी को हुई थी, जिसमें लोगों के एजेंडे पर मंथन हुआ। 19 मार्च की बैठक में तो केवल बजट पास किया गया था। मुख्यमंत्री की हिदायत पर मेयर ने जनता दरबार लगाने का निर्णय लिया है। मेयर ने बताया कि मंगलवार को 11 से एक बजे तक उनके कार्यालय में शिकायतें सुनी जाएंगी।
ये शहर की टॉप 10 समस्याएं
-खस्ताहाल सड़कें
- परिवार पहचान पत्र की वजह से कटे राशनकार्ड
- प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियां
-प्रॉपर्टी टैक्स बिल गलत
- सड़कों की सही ढंग से सफाई नहीं
- जाम सीवर लाइन, बंद पड़े कई सार्वजनिक शौचालय
- नए पार्किंग स्थलों का निर्माण नहीं।
- भगत सिंह पार्किंग स्थल चालू नहीं।
- सड़कों पर फैला अतिक्रमण
- स्ट्रीट लाइट की कमी
ये बोले पार्षद
पहले मेरा घर रिहायशी से काॅमर्शियल दिखाया गया। जब श्रेणी ठीक करवाई तो प्रॉपर्टी आईडी किसी अन्य के नाम से बना दी। जब पार्षद के साथ ऐसा हो रहा है तो आम आदमी की हालत समझ सकते हैं।
सूरजमल किलोई, पार्षद पति, वार्ड नंबर 20
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निगम ने हर वार्ड में 25 लाख राशि खर्च कर सड़्कों के गड्ढे भरने का ठेका दिया था। ठेकेदार ने आधी सड़कों के गड्ढे भरे हैं। जहां गड्ढे नहीं भरे गए, वहां के लोग सवाल कर रहे हैं। जबकि ठेकेदार कहता है कि उसका काम पूरा हो गया है। अब लोगों को क्या जवाब दें।
अशोक खुराना, पार्षद पति वार्ड 13
उसके वार्ड में ज्यादातर सेक्टरों का इलाका है। 25 लाख में मुख्य सड़कों का पेचवर्क भी नहीं पूरा हुआ। सेक्टरों में आधे से ज्यादा गलियां यूं ही टूटी पड़ी हैं। मेयर व आयुक्त बताएं, सभी गलियों के गड्ढे कब तक भरे जाएंगे।
कदम सिंह अहलावत, पार्षद वार्ड 11
पुराने शहर के अंदर 40 प्रतिशत मकान ऐसे हैं, जिनकी रजिस्ट्री नहीं है। सर्वे में निजी एजेंसी ने किसी मकान मालिक का नाम बदल दिया तो किसी का एरिया। निगम के पास रिकार्ड ठीक करवाने जाते हैं तो रजिस्ट्री मांगी जाती है, लेकिन पुराने मकानों की रजिस्ट्री नहीं है। ऐसे में आम लोग कहां जाएं। वे जनता दरबार में मेयर व आयुक्त से ये सवाल करेंगे।
राजेश सैनी, मनोनीत पार्षद, नगर निगम
निगम के पास बजट की कमी है। ऐसे में हाउस की बैठक बुलाकर एजेंडे पास करने का कोई औचित्य नहीं है। बिना बजट काम नहीं होंगे। 25 अप्रैल को 11 से एक बजे तक उनके कार्यालय में जनता दरबार लगेगा। आयुक्त व दूसरे अधिकारी भी मौजूद होंगे। जरूरत पड़ी तो 27 अप्रैल को भी जनता दरबार लगाएंगे।
मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम