21सीटीके27...नगर निगम के कर्मचारियों के साथ बैठक करते नगर निगम के अधिकारी। स्रोत: नगर निगम
रोहतक। रेलवे एलिवेटेड ट्रैक के साथ बजरंग भवन से चिन्योट कॉलोनी तक बनने वाली सड़क की बाधाएं दूर नहीं हो पा रही हैं। 81 भवन मालिकों को जमीन देने के लिए शुक्रवार शाम पांच बजे तक सहमति पत्र देने थे, लेकिन सभी भवन मालिक सहमति पत्र नहीं दे सके।
भवन मालिकों का कहना है कि निगम पहले उनकी अड़चन दूर करे। इसके लिए निगम के संयुक्त आयुक्त विजय सिंह ने बैठक बुलाई, जिसमें तय हुआ कि पहले भवन मालिकों की बाधाएं दूर होंगी, इसके बाद सहमति पत्र जमा होंगे। इसके लिए एक सप्ताह का और समय दिया जा सकता है। निगम न जो नोटिस भेजे हैं, उनमें कहीं भी यह नहीं लिखा कि शपथ पत्र 100 रुपये के स्टाप पेपर पर तैयार होगा। वह सामान्य पेपर पर शपथ पत्र तैयार करवाकर लाए, निगम के अधिकारियों ने दोबारा वापस भेज दिया। किसी की जमीन की मलकियत को लेकर दिक्कत है। एक-एक दिक्कत पर शुक्रवार को हुई बैठक में मंथन किया गया।
बता दें कि प्रदेश सरकार व रेलवे ने मिलकर 315 करोड़ की लागत से रोहतक-पानीपत रेलवे लाइन पर एलिवेटेड ट्रैक बनाया है। ट्रैक की पश्चिमी दिशा में पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) पुरानी रेलवे लाइन उखाड़कर 3790 मीटर लंबी और 5.5 मीटर चौड़ी सड़क बना रहा है जबकि पूर्वी दिशा में बजरंग भवन से चिन्योट काॅलोनी तक नगर निगम 2.51 करोड़ की लागत से 1.7 किलोमीटर लंबी व 15 फीट चौड़ी सड़क बना रहा है। निगम ने सड़क बनाने के लिए जमीन अधिग्रहित की है, इसमें दुकानों को हटाकर मुआवजा व दुकानें दे दी हैं। अब 81 मकान और हटाए जाने हैं। इनको हटाकर जमीन अधिग्रहित की जानी है। इसके लिए सरकार 30 हजार रुपये प्रति गज जमीन खरीदकर दुकानदारों को 28 हजार रुपये प्रति गज जमीन रिहायश के लिए देगी।
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भवन मालिकों की आपत्तियां दूर करने के लिए बैठक हुई है, जिसमें एक-एक दिक्कत पर विचार किया गया। सहमति पत्र जमा कराने के लिए समय सीमा बढ़ाई जाएगी।
विजय सिंह, संयुक्त आयुक्त नगर निगम