रोहतक। बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय ने रविवार को कुरुक्षेत्र के ग्रीन अर्थ एनजीओ के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और छात्रों को हरित गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किया गया है। इसके माध्यम से दोनों संस्थाएं मिलकर पर्यावरण-संवर्धन से जुड़े विविध कार्यक्रमों का संचालन करेंगी और विश्वविद्यालय को हरित परिसर के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करेगी।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. एचएल वर्मा ने कहा कि प्रकृति हमारे बिना कुछ मांगे ही हमारी सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करती है। हम इसका अंधाधुंध शोषण करते हैं और इसे अपने स्वार्थ के लिए नुकसान पहुंचाते हैं, तब इसके परिणाम भयंकर होते हैं। हमारा यह दायित्व है कि हम पर्यावरण संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास करें। ग्रीन अर्थ एनजीओ के साथ यह समझौता विश्वविद्यालय के उन प्रयासों को और गति देगा, जो पर्यावरण-संवर्धन, जैव विविधता संरक्षण और हरित प्रौद्योगिकी के प्रसार के लिए किए जा रहे हैं। इस अवसर पर ग्रीन अर्थ एनजीओ के कार्यकारी सदस्य डॉ. नरेश भारद्वाज और बाबा मस्तनाथ यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. मनोज कुमार वर्मा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा, ग्रीन अर्थ एनजीओ की ओर से डॉ. मोनिका भारद्वाज और विश्वविद्यालय की ओर से इको-बायोडायवर्सिटी क्लब की नोडल अधिकारी, डॉ. चंचल मल्होत्रा ने साक्षी के रूप में उपस्थिति दर्ज की। इस मौके पर कृषि विभाग के प्रमुख डॉ. दिलबाग अहलावत मौजूद रहें, जिन्होंने इस समझौते के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, कृषि और पर्यावरण का गहरा संबंध है। ऐसे समझौतों के माध्यम से हम न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं, बल्कि कृषि क्षेत्र में भी स्थायी विकास को बढ़ावा दे रहे हैं।