रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) में अनुबंध के आधार पर कार्यरत बैरर (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) सोमवार सुबह काम छोड़ कर विजय पार्क में हड़ताल पर बैठ गए। कर्मचारियों ने अपना नाम कौशल विकास रोजगार योजना में शामिल कराने की मांग को लेकर रोष जताया। मांगों के पूरा होने का आश्वासन मिलने पर तीन दौर की वार्ता और करीब 11 घंटे बाद शाम सात बजे कर्मचारी काम पर लौट आए।
इससे पूर्व हड़ताल के कारण संस्थान के मॉड्यूलर ओटी में मरीजों के ऑपरेशन नहीं हो पाए। यहां ओटीए (ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट) नहीं होने से चिकित्सकों को अचानक 50 से ज्यादा ऑपरेशन टालने पड़े। हड़ताल से पूर्व हड्डी रोग व सर्जरी के चिकित्सकों ने एक-एक ऑपरेशन भी किया। शेष चार टेबल शुरू नहीं हो पाई। नतीजतन चिकित्सकों को सोमवार के ऑपरेशन टालने पड़े। मरीजों को थियेटर से वापस वार्डों में भेजा गया।
सोमवार सुबह आठ बजे पीजीआईएमएस में रोज की तरह मरीजों के लिए खुला। ओपीडी में काउंटर पर मरीजों के कार्ड बनाने में व्यस्त बैरर अपने साथियों के आह्वान पर काम छोड़ कर हड़ताल पर चले गए। इसके चलते यहां मरीजों के कार्ड बनना बंद हो गए। हालात ये बने कि ओपीडी में चिकित्सकों के कमरों के बजाय काउंटरों पर लोगों की लंबी कतारें लग गईं। ये कतार घूम कर गैलरी तक पहुंच गई। इसमें लोग अपना कार्ड बनवाने के लिए दो से चार घंटे तक खड़े रहे। लोगों की भीड़ व शोर-शराबे के चलते पीजीआईएमएस प्रशासन को एक निजी बैंक के कुछ कर्मचारियों को कार्ड बनाने की जिम्मेदारी सौंपते हुए उनका सहयोग लेना पड़ा। इससे लोगों के कार्ड बनने लगे। चूंकि कर्मचारी कम थे, इसलिए कार्ड बनाने में समय ज्यादा लगा।
विजय पार्क में चलती रही कर्मचारियों की नारेबाजी
कर्मचारियों ने ने कहा कि पीजीआईएमएस प्रशासन कर्मचारियों की सुनवाई नहीं कर रहा है। कर्मचारी कई बार अपनी बात अधिकारियों के समक्ष रख चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें कौशल विकास रोजगार योजना में शामिल नहीं किया गया है। जबकि संस्थान के गार्ड, सफाई कर्मचारी योजना से जो़ड़े जा चुके हैं।
प्रशासन और कर्मचारियों में समझौते का प्रयास
विजय पार्क में जमा हड़ताली कर्मचारियों व पीजीआईएमएस प्रशासन के बीच सुबह से ही मान मनौव्वल का प्रयास जारी रहा। डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट (डीएमएस) डॉ.रोहित ने दो बार उनके बीच पहुुंचे और हड़ताल समाप्त कर वापस काम पर जाने के लिए कहा। किंतु कर्मचारी नहीं माने। दोपहर को अधिकारियों ने कुछ कर्मचारियों को बातचीत के लिए बुलाया। अधिकारियों से करीब एक घंटे हुई बातचीत में मांगों के समाधान को लेकर आश्वासन दिया गया।
समस्याओं के शीघ्र समाधान पर सहमति बनने पर हड़ताल समाप्ति का लिया फैसला
अनुबंधित कर्मचारी यूनियन की प्रधान कलावती ने बताया कि स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएस) गैर शिक्षक संघ के पूर्व प्रधान तारीफ सिंह के नेतृत्व में दोपहर बाद मांगों को लेकर पीजीआईएमएस प्रशासन से बैठक हुई। स्वास्थ्य विज्ञान विवि कुलसचिव डॉ. एचके अग्रवाल, पीजीआई निदेशक डॉ. एसएस लोहचब, एमएस डॉ. एमजी वशिष्ठ की मौजूदगी में समस्याओं के शीघ्र समाधान किए जाने पर सहमति बनी। इसके बाद कर्मचारियों ने विजय पार्क में चर्चा कर हड़ताल समाप्ति का फैसला लिया और शाम करीब सात बजे काम पर लौट गए।
कलावती कांगड़ा, प्रधान, अनुबंधित कर्मचारी यूनियन
मरीजों और परिजनों से बातचीत
मेरे भाई सुरेश की तबीयत खराब है। डॉक्टर ने ईको कराने को कहा है। जांच के लिए आया हूं। सुबह आठ बजे आकर ओपीडी कार्ड बनवाने के लिए लाइन में लगे थे, मगर 11 बजे तक भी नंबर नहीं आया। अब भी नंबर आने में एक घंटा और लग जाएगा। तब तक शायद ही डॉक्टर मिले।
डॉ. रोहताश, अलीपुर, (जींद)
मेरी तबीयत खराब है। झज्जर में डॉक्टर को दिखाया तो थायराइड की दिक्कत बताई। सुबह आठ बजे आया था। अब साढ़े दस से ऊपर हो चुके हैं, मगर ओपीडी कार्ड ही नहीं बना है। कार्ड बनने के बाद ही डॉक्टर जांच करेंगे व दवा लिखेंगे। इसमें पता नहीं कितना समय लगेगा।
प्रशांत, पहाड़ीपुर, (झज्जर)
मुझे काफी दिनों से छाती में दिक्कत है। अल सुबह घर से निकला था। यहां पिछले दो घंटे से ओपीडी का कार्ड बनाने का इंतजार कर रहा हूं। कार्ड बनने के बाद ही इलाज मिल पाएगा।
बंटी, करनाल।
मुझे कई दिनों से सांस व नसों की दिक्कत है। इसलिए पीजीआईएमएस आया हूं। यहां ओपीडी में सुबह सवा आठ बजेे पहुंच गया था। इसके बाद से कतार में खड़ा हूं। ओपीडी कार्ड बने तो डॉक्टर के पास जाऊं। 11 बजने को है। पता नहीं और कितना समय लगेगा।
गगन सिंह, सेक्टर 22, गुरुग्राम।