माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। एमपॉक्स (मंकीपॉक्स) को लेकर पीजीआईएमएस तैयार है। इसको लेकर क्रमवार पीजी चिकित्सकों और स्टाफ को जागरूक किया जा रहा है। बैठकों का दौर भी लगातार जारी है। एमपॉक्स के मरीज को संभालने के लिए क्या-क्या जरूरी एहतियात बरतनी है, इसकी भी जानकारी दी जा रही है। आइसोलेशन रूम बनाने की भी तैयारी की जा रही है।
एमपॉक्स का वर्तमान स्ट्रेन सामान्य है। यह वायरस भी संक्रामक रोग देता है। इसकी चपेट में आने वाले मरीजों को बड़े-बड़े दाने हो जाते हैं। इससे बहुत ज्यादा दर्द होता है। साथ ही व्यक्ति को तेज बुखार होता है। एमपॉक्स के मरीज का देश की राजधानी तक पहुंचने के बाद पीजीआईएमएस अलर्ट हो गया है। इसे लेकर कम्युनिटी मेडिसिन विभाग का कमरा नंबर 24 आरक्षित करने के लिए पीजीआई प्रशासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इसके अलावा आपातकालीन विभाग का कमरा नंबर 6 भी मरीज बढ़ने की स्थिति में उपयोग में लाया जा सकता है। फिलहाल यह कमरा डेंगू और मलेरिया के मरीजों के लिए आरक्षित है। पीजीआई प्रशासन का कहना है कि संस्थान पूरी तरह से तैयार है। ऐसे किसी भी मरीज को परेशानी नहीं आएगी। मरीज का यथोचित इलाज किया जाएगा।
यह बरतें सावधानियां
-मंकीपॉक्स के मरीज से उचित दूरी बनाकर रखें।
-बार-बार हाथों को साबुन से धोएं।
-कॉटन के साफ कपड़े पहनें।
-कॉटन के कपड़े शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले हों।
-साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें।
-
यह हैं एमपॉक्स के शुरुआती लक्षण
-तेज बुखार का होना
-शरीर पर दाने निकलना
-लिम्फ नोड्स में सूजन
-सिर में तेज दर्द
-मांसपेशियों में दर्द
-कमजोरी व थकावट महसूस होना
सबसे पहले घबराना नहीं है। भारत में जो एमपॉक्स का स्ट्रेन पाया गया है, वह क्लेड-2 है। वह अफ्रीकी देशों की तरह जानलेवा नहीं है। एमपॉक्स के मरीज को कोविड-19 के दौरान दिए दिशा-निर्देशों पर चलने की आवश्यकता है। इसमें संक्रमित व्यक्ति के शरीर के घाव से दूरी बनाकर रखने की आवश्यकता होती है। घाव से निकले तरल पदार्थ से संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है। इसमें कम से कम एक मीटर की सामाजिक दूरी का पालन करने की जरूरत है।
- डॉ. नीलम, नोडल ऑफिसर, एमपॉक्स (मंकीपॉक्स)
संस्थान ने कोविड-19 के दौरान भी बेहतरीन कार्य किया है। एमपॉक्स के मरीज आने पर उनका माकूल इलाज किया जाएगा। इस बीमारी से घबराने की आवश्यकता नहीं है। बस सफाई विशेष ध्यान रखें। इसे लेकर बैठकों का दौर जारी है।
-डॉ. एसएस लोहचब, निदेशक, पीजीआईएमएस।