मिशन इंद्रधनुष 5.0 जिले के नौनिहालों को सुरक्षा चक्र प्रदान करेगा। जिले में पांच वर्ष तक के 5000 बच्चों व प्रसूताओं को इस योजना के तहत टीके लगाए जाएंगे। यही नहीं, इनका डाटा भी ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने यू-विन पोर्टल शुरू किया गया है। सिविल अस्पताल में सोमवार को इसका शुभारंभ उपायुक्त अजय कुमार ने किया। यहां उपायुक्त ने चिह्नित परिवारों से प्राथमिकता के आधार पर अपने बच्चों व गर्भवती महिलाओं को विभिन्न बीमारियों से बचाव के टीके लगवाने का आह्वान किया।
उपायुक्त ने कहा कि मिशन इंद्रधनुष तीन चरणों में चलाया जाएगा। पहले चरण के अभियान की शुरुआत सोमवार को हो गई है। यह कार्यक्रम 12 अगस्त तक चलेगा। दूसरे चरण का अभियान 11 से 16 सितंबर व तीसरे चरण का अभियान 9 से 14 अक्तूबर तक चलेगा। मिशन इंद्रधनुष को लेकर जिले में सर्वे कराया गया है। इसके आधार पर लगभग 5000 बच्चों व गर्भवती महिलाओं को चिह्नित किया गया है। इन्हें विभिन्न बीमारियों से बचाव के टीके लगाए जाएंगे। सर्वे के आधार पर चिह्नित गर्भवती महिलाओं की संख्या 752 है। जबकि शून्य से 2 वर्ष तक के 3425 व 2 से 5 वर्ष तक के बच्चों की संख्या 641 है।
टीकाकरण के लिए स्लम एरिया व ईंट भट्ठे व उन क्षेत्रों पर फोकस किया गया है, जहां पर लोग पलायन करके रह रहे हैं। टीकाकरण से सेंट्रलाइज रिकॉर्ड तैयार होगा। लोग किसी भी स्थान पर जाकर बीमारियों से बचाव के शेष टीके लगवा सकते हैं। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पेंद्र, उप सिविल सर्जन डॉ. राजवीर सभरवाल, एसएम डॉ. सतेंद्र वशिष्ठ, उप सिविल सर्जन डॉ. रणवीर सिंह, उप सिविल सर्जन डॉ. केएल मलिक, डॉ. दिनेश मलिक, डॉ. कुल प्रतिभा, डॉ. मधुलिका, डॉ. परितेव सिंह व सुरेश भारद्वाज मौजूद रहे।