रोहतक। खनन विभाग के गार्ड रूड़की गांव निवासी अभिमन्यु को विजिलेंस ने रिश्वत मांगने व लेने के आरोप में अदालत में पेश किया, जहां से दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। विजिलेंस ने केस में तीन गवाहों के जज के सामने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान भी दर्ज कराए।
यह था मामला
झज्जर जिले के गांव दूबलधन निवासी संदीप ने विजिलेंस को दी शिकायत में बताया था कि उसने दो साल पहले लडरावण गांव स्थित राणा ईंट भट्ठे को लीज पर लिया था। लोकेश उर्फ राहुल उसके पास मुंशी का कार्य करता है। 29 जुलाई को खनन विभाग रोहतक की टीम ने बुलडोजर और डंपर को जब्त किया था। साथ ही बेरी थाने में दोनों वाहनों को बंद करवा दिया। 21 सितंबर को उन्होंने खनन विभाग के चंड़ीगढ़ मुख्यालय से बुलडोजर और डंपर को छुड़वाने के आदेश जारी करवा लिए। शुक्रवार को वे खनन विभाग के रोहतक कार्यालय में पहुंचे, जहां वाहनों को छोड़ने की एवज में कार्यालय के कर्मचारी अभिमन्यु ने 20 हजार की रिश्वत मांगी। उसने अभिमन्यु को 5 हजार रुपये दे दिए। मिट्टी उठाने की अनुमति दोबारा देने की एवज में पांच हजार और मांगे गए। इसके बाद विजिलेंस ने केस दर्ज कर खनन विभाग के कार्यालय में दबिश दी और आरोपी को 15 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
पांच दिन का था विजिलेंस ने रिमांड, 5 हजार की जानी है रिकवरी
अदालत में विजिलेंस ने आरोपी को पेश कर पांच दिन का रिमांड मांगा। अदालत को बताया कि आरोपी पांच हजार रुपये पहले ले चुका है। उससे यह राशि रिकवरी की जानी है। साथ ही पता लगाया जाना है कि गार्ड किस के कहने पर रिश्वत ले रहा था। उसके पास परिमट देने या गाड़ी न छोड़ने की पावर नहीं है। वहीं, बचाव पक्ष के वकील पीयूष गक्खड़ ने कहा कि विजिलेंस ने आरोपी को शुक्रवार को दोपहर बाद गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ की जा चुकी है। अब विजिलेंस बताए कि पांच दिन रिमांड के दौरान क्या करेगी। दोनों पक्षों की बहस के बाद अदालत ने आरोपी को दो दिन के रिमांड पर भेज दिया।
रिश्वत मांगने व लेने के आरोप में खनन विभाग के गार्ड अभिमन्यु को विजिलेंस ने शुक्रवार को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पूरे मामले में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका तो नहीं है।
सुमित कुमार, डीएसपी विजिलेंस