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Rohtak News: 2.2 डिग्री सेल्सियस पहुंचा न्यूनतम तापमान, ठिठुराएगी शीतलहर

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ठंड में टोपी लगा कर दौड़ती युवतियां। अमर उजाला - फोटो : RohtakCity
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रोहतक। मौसम में ठंडक बनी हुई है। रात के समय पारा गिर कर रिकॉर्ड 2.2 डिग्री पहुंच गया। शीत लहर भी अभी तीन दिन और सताएंगी। मौसम 18 जनवरी तक खुश्क बना रहेगा। इसके बाद 19 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से मौसम में बादल छाने व रात के तापमान में वृद्धि की संभावना बनी हुई है।
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जिले में सोमवार को अधिकतम तापमान 15.1 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड 2.2 डिग्री सेल्सियस रहा। रविवार को अधिकतम तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले 24 घंटे में दिन का तापमान एक डिग्री बढ़ा है। जबकि रात के तापमान में तीन डिग्री गिरावट दर्ज हुई है। शून्य की ओर तेजी से लुढ़के पारे ने ठंड बढ़ाने का काम किया है। इस पर भी शीत लहर के थपेड़े कंपकंपी छुड़ा रहे हैं। मौसम में ठंड व शीतलहर का प्रकोप अभी तीन दिन और बना रहेगा।
क्यों जमता है पाला
मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक, सर्द मौसम में जब तापमान हिमांक बिंदू या इससे नीचे चला जाता है, तब वायु में उपस्थित जलवाष्प द्रव रूप में परिवर्तित न होकर सीधे ही सूक्ष्म हिमकणों में परिवर्तित हो जाते हैं। इसे ही पाला पड़ना या बर्फ जमना कहा जाता है। दोपहर बाद हवा के न चलने व रात में आसमान साफ रहने पर पाला पड़ने की संभावना ज्यादा रहती है। राज्य में पाला आमतौर पर दिसंबर से फरवरी के महीने में ही पड़ने की संभावना बनी रहती है। पाले के कारण फसलों, सब्जियों व छोटे फलदार पौधों व नर्सरी पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। फसलों, सब्जियों व छोटे फलदार तनों, फूलों, फलों में उपस्थित द्रव बर्फ के रूप में जम जाता है। ये पौधों की कोशिकाओं को नष्ट कर देते हैं। पत्तियों को झुलसा देता है।
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पाले से फसलों का ऐसे करें बचाव
पाले का हानिकारक प्रभाव अगेती सरसों, सब्जियों की फसल आलू, मिर्च, टमाटर, बैंगन, नर्सरी व छोटे फलदार पौधों पर पड़ सकता है। इससे बचाव के लिए किसान यदि पानी उपलब्ध हो तो विशेषकर ऊपर लिखित फसलों, सब्जियों व फलदार पौधो में सिंचाई करें, ताकि जमीन का तापमान बढ़ सके। किसान भाई खेत के किनारे व 15 से 20 फीट दूरी के अंतराल पर हवा की दिशा में रात्रि के समय कूड़ा-कचरा, सूखी घास एकत्रित कर धुआं करें। इससे वातावरण का तापमान बढ़ेगा और पाले का हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ेगा। सीमित क्षेत्र में लगी फल व सब्जियों की नर्सरी को टाट, पॉलीथिन व भूसे से ढंके।
वर्जन-
18 जनवरी तक मौसम आमतौर पर खुश्क रहेगा। उत्तरी व उत्तर पश्चिमी शीत लहर चलने से रात के तापमान में गिरावट आएगी। दक्षिण क्षेत्र के जिलों में कहीं-कहीं पाला पड़ने की भी संभावना है। इस दौरान दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी की संभावना है। इसके बाद 19 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से हवा उत्तर पश्चिम से पूर्वी की ओर होने व आंशिक बदलवाई संभावित है।
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- डॉ. मदन खीचड़, अध्यक्ष, कृषि मौसम विज्ञान विभाग, एचएयू।
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