महम (रोहतक)। महम चौबीसी सर्वखाप पंचायत के प्रधान मेहर सिंह नंबरदार को वीरवार सुबह अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी दी, जिससे उनकी सीने और सिर में गंभीर चोटें लगीं। प्रधान मेहर सिंह को घायलावस्था में इलाज के लिए दिल्ली बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। वहां से डॉक्टरों ने उनको पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई में इलाज के दौरान दोपहर दो बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिया। वह 83 वर्ष के थे। उनकी मौत की सूचना मिलते ही क्षेत्र के लोगों का उनके निवास पर तांता लगना शुरू हो गया। उनके अंतिम संस्कार में राजनीतिक, सामाजिक संगठनों सहित अनेक प्रबुद्ध जनों ने भाग लिया। उनके बेटे सुभाष नंबरदार ने अपने पिता को मुखग्नि दी।
प्रधान बनने के बाद लड़ी अनेक लड़ाई
खाप के प्रधान के रूप में मेहर सिंह ने अपने तपा सदस्यों के साथ मिलकर समाज में फैली बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने प्रधान पद पर रहते हुए हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन, दहेज प्रथा, समगौत्र, गोहांड में विवाह पर रोक, नशाखोरी व सोशल मीडिया पर फैल रही अश्लीलता के खिलाफ आवाज बुलंद की।