दाखिले के लिए भटक रहे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को एमडीयू ने राहत दी है। विश्वविद्यालय ने पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में सीटें बढ़ाने का फैसला किया है। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने छात्र संगठनों के अनुरोध और ग्रीवांसेज रीड्रेसल कमेटी (जीआरसी) की अनुशंसा पर सीटें बढ़ाने का निर्णय लिया। कुलपति ने लैब और प्रैक्टिकल वर्क से संबंधित पाठ्यक्रमों में 10 प्रतिशत और बिना लैब व प्रैक्टिकल वाले कोर्स में 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का फैसला किया। जिन पाठ्यक्रमों का संचालन भारत सरकार के नियामक संस्थानों द्वारा किया जाता है, उन पर सीटें बढ़ाने का फैसला लागू नहीं होगा। इसके अतिरिक्त संबंधित विभागाध्यक्षों और निदेशकों के आग्रह और जीआरसी की अनुशंसा पर कुछ विभागों में भी सीटें बढ़ाई गई हैं। एमडीयू सीपीएएस गुरुग्राम में एलएलएम प्रथम व द्वितीय शिफ्ट में 10-10 सीटें बढ़ाई जाएंगी। एमए अर्थशास्त्र के दो वर्षीय पाठ्यक्रम में 10 सीटें, सेंटर फॉर योगिक स्टडीज में एमए (योग) में 10 सीटें, विधि विभाग में एलएलएम प्रथम व द्वितीय शिफ्ठ में 10-10 सीटें बढ़ाने का फैसला किया गया है। बढ़ी हुई सीटों पर फिजिकल काउंसिलिंग 26 अक्तूबर को संबंधित विभागों में आयोजित की जाएगी। जिन विद्यार्थियों ने इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन किया था, प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए थे, वे अगर प्रवेश लेने के इच्छुक हैं तो 26 अक्तूबर को सुबह नौ से 11 बजे के बीच फिजिकल काउंसिलिंग के लिए संबंधित विभाग में उपस्थित हों। उसी दिन दोपहर बाद मेरिट लिस्ट जारी कर दी जाएगी, प्रवेश काउंसिलिंग साढ़े 12 बजे से होगी। प्रवेश मिलने पर विद्यार्थी को 27 अक्तूबर को फीस भरनी होगी। गौरतलब है कि छात्र संगठन लंबे समय से मांग कर रहे थे कि इस बार ज्यादा अंक होने के बावजूद बहुत से विद्यार्थियों को दाखिला नहीं मिल सका है इसलिए 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाई जाएं।