रोहतक। एमडीडी ऑफ इंडिया ने बच्चों की तस्करी रोकने को जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया। यह अभियान सरकार, प्रशासन व नागरिकों के सहयोग से तस्करी की रोकथाम व कानूनी कार्रवाई पर केंद्रित होगा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार हर घंटे 11 बच्चे लापता होते हैं। इनमें अधिकांश मानव तस्करी का शिकार बनते हैं। वर्ष 2030 तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी अभियान का निर्णय नई दिल्ली में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के राष्ट्रीय परामर्श में हुआ। एमडीडी ऑफ इंडिया जेआरसी का सहयोगी संगठन है। अप्रैल 2023 से दिसंबर 2025 के बीच जेआरसी ने 1,22,516 बच्चों को तस्करी से मुक्त कराया। संवाद