मेन बाजार स्थित ज्वेलर्स की दुकान में अक्षय तृतीया पर सोने-चांदी की खरीदारी करती महिलाएं।
बहादुरगढ़। अक्षय तृतीया पर शहर के बाजार चमक उठे। सराफा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रानिक्स सहित अन्य सामान की जमकर खरीद हुई और करोड़ों का कारोबार हुआ। सोना महंगा होने के कारण महिलाओं ने एंटीक और लाइट वेट आभूषणों की अधिक खरीद की। शादियां भी खूब हुई। फूल डेकोरेशन वाले दूल्हे की गाड़ियां सजाते नजर आए। बहादुरगढ़ में व्यापारियों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार ऑटोमोबाइल, ज्वेलरी, इलेक्ट्रानिक्स, कपड़े आदि का मिलाकर 25 करोड़ का कारोबार हुआ है।
हरियाणा स्वर्णकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष पवन वर्मा ने बताया कि अक्षय तृतीया पर खरीदारी काफी अच्छी रही। सोना महंगा होने के बाद भी लोगों ने जमकर आभूषण खरीदे। ज्यादा संख्या में चांदी के सिक्कों की बिक्री हुई है। हर वर्ग ने अपनी जरूरत के मुताबिक खरीदारी की। युवतियों ने ब्रेसलेट, रिंग्स को प्राथमिकता दी। वहीं गृहिणियों ने चेन और स्ट्डस खरीदें। कई लोगों ने वाहन भी खरीदें हैं। इनकी कई दिन पहले ही बुकिंग हो गई थी। नजफगढ़ रोड पर स्थित दुपहिया वाहन शोरूम के संचालक नरेश राठी ने बताया कि उनके यहां पर अक्षय तृतीया के दिन 30 से अधिक वाहनों की डिलीवरी दी गई। कई लोगों ने अक्षय तृतीया के दिन वाहन खरीदे। इलेक्ट्रानिक्स बाजार में एसी, फ्रिज, वाशिंग मशीन की सर्वाधिक बिक्री हुई। गौरव गर्ग ने बताया कि एसी की अधिक खरीदारी लोगों ने की है। वहीं शहर में 50 से अधिक शादियां हुई। नाहरा-नाहरी रोड पर बैंड-बाजा संचालक विक्रम ने बताया कि अक्षय तृतीया पर कई-कई बुकिंग थी।
दीप जला, शीश झुकाकर लगाया नए अनाज का भोग
बादली। कस्बे की महिलाओं ने अक्षय तृतीया पर दादा सारंगदेव मंदिर में दीप जलाकर व शीश झुकाकर नए अनाज का भोग लगाया। फसलों की कटाई व कढाई का काम लगभग पूरा हो चुका है। किसानों ने अपनी फसलों की कढ़ाई कर अनाज का भंडारण कर लिया है। इसी के साथ ही साल के नए अनाज का भोग भी चौबीसा धाम दादा सारंगदेव को चढ़ा दिया है। बादली में पुराने समय से ही यह परंपरा रही है कि घर में साल भर का अनाज आने के बाद सबसे पहला भोग ईष्टदेव दादा सारंगदेव को चढाया जाता है। इसी के चलते क्षेत्र से सभी घरों में नए अनाज से पकवान बना दादा सारंगदेव को अर्पित किए गए। इसके साथ ही महिलाएं एकत्रित होकर गीत गाती हुई मंदिर की ओर जाती हुई नजर आई।