साल्हावास। कनीना के गांव उन्हानी के जीएल स्कूल बस हत्याकांड में मरे छह बच्चों के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारी डाॅ. विजय बाला अहलावत ने ब्लॉक के निजी स्कूलों के निरीक्षण के लिए आठ क्लस्टर में बांटकर जांच अभियान चलाया हुआ है। पिछले दो दिन से वे स्वयं भी निजी स्कूलों में औचक निरीक्षण के लिए पहुंच रही हैं। वीरवार को बैठक खत्म कर जब वे बिरोहड़ के जेएसएमएम स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची तो न छात्र मिले, न बस मिली। स्कूल संचालकों द्वारा एक बहाना बनाया जा रहा है कि बस सर्विस के लिए भेजी गई है जबकि कंडम बसों को दूसरे गांवों में ले जाकर छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। इतना ही नहीं जब बीईओ पड़ताल के लिए फील्ड में उतरी तो चौंकाने वाले तथ्य नजर आए। टीम के संज्ञान में आया कि अकेले बसों के संचालन में ही लापरवाही नहीं की जा रही। मान्यता को लेकर भी निजी स्कूल अभिभावकों के साथ खिलवाड़ करते हुए नजर आ रहे हैं। चढ़वाना के ग्रीन फील्ड मिडिल स्कूल व एमडी हाई स्कूल में मान्यता से अधिक कक्षाएं लगाई हुई थीं। एमडी की मान्यता दसवीं तक है, लेकिन वहां पर कक्षा 11वीं और 12वीं की लगाई हुई मिलीं। चढ़वाना के ग्रीन फील्ड स्कूल की मान्यता कक्षा आठवीं तक है, परंतु 10वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को भी पढ़ाना पाया गया। बस में लगाए गए जीपीआरएस उपकरण भी चालू नहीं मिले। इन स्कूल बस में कैमरे भी लगे हुए थे।
वर्जन
खंड के स्कूलों में निरीक्षण किया जा रहा है। जो भी खामियां स्कूलों में मिल रही हैं, उसे विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में लाया जा रहा है। साथ ही अभिभावकों को सचेत किया जाता है कि अगर उन्हें किसी संस्थान में कोई कमी दिखती है तो वे उसे संज्ञान में लाए।
-डाॅ. विजय बाला अहलावत, खंड शिक्षा अधिकारी, मातनहेल