रोहतक। छोटूराम स्टेडियम के अखाड़े की पहलवान मनीषा के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। यह उपलब्धि उसके जूनियर कोच बनने की है। अब यह बेटी अपने सरीखी दूसरी बेटियों और बेटों को कुश्ती के दांव-पेच सिखाएंगी।
सरकार की खेल नीति के तहत अपनी उपलब्धियों के चलते मनीषा को जूनियर कोच की नियुक्त मिली है। यह बेटी छोटूराम स्टेडियम में ही कोच की भूमिका निभाएगी। किसान पिता सुरेश व मां मीना देवी ने बेटी की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जाहिर की है।
मनीषा वर्ष 2014 से कुश्ती खेल रही हैं। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद स्टेडियम में आकर पूरी लगन से कुश्ती का अभ्यास करती रहीं। अपना हुनर निखार कर यह बेटी आगे बढ़ी और कई पदक जीते। नाम कमाया और अब नौकरी पाई। मनीष ने इस सफलता का श्रेय परिवार व कोच को देते हुए कहा कि इनका हर कदम पर सहयोग मिला। कोच ने आर्थिक सहायता भी की।
यह रही मनीषा की उपलब्धि
- 2015 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लिया।
- 2016 कॉमनवेल्थ में कांस्य पदक प्राप्त किया।
- 2017 कॉमनवेल्थ में रजत पदक प्राप्त किया।
- 2021 सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक।
- 2022 सीनियर वर्ल्ड रैंकिंग में स्वर्ण पदक जीता।
- 2023 नेशनल राष्ट्रीय खेल में स्वर्ण पदक जीता।
- 2023 ओलंपिक के लिए क्वालीवाई किया।
- 2024 नेशनल राष्ट्रीय खेल में स्वर्ण पदक जीता।