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Rohtak News: बच्चों को आत्मनिर्भर व जिम्मेदार बनाएं, अभिभावक अपनीं इच्छाएं न थोपें

Mon, 12 Jun 2023 12:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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रोहतक। ‘सप्तरंग’ संस्था ने बच्चों की शिक्षा, लालन-पोषण और कॅरिअर को लेकर माता-पिता की चिंताओं और दबावों के मुद्दे पर संगोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हिसार के कन्सल्टेंट साइकॉलजिस्ट डॉ. ताज पाणिकर व डॉ. अनिल पाणिकर रहे। अपने यहां माता-पिता की ओर से अपनी इच्छाओं और मान्यताओं को बच्चों पर थोपने के बजाए उनकी परवरिश विवेकशील तरीके से उनके अपने निर्णय लेने में सक्षम बनने पर जोर दिया गया।
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डॉ. ताज पाणिकर ने कहा कि पांच साल की आयु तक बच्चे को पूर्ण देखभाल और स्नेह की जरूरत होती है। इससे आगे 6 से 10 साल तक बच्चे को इस रूप में तैयार करना चाहिए कि वह समझ पाए कि क्या करना है और क्या नहीं। इस उम्र में बच्चे में सही-ग़लत को चिह्नित करने का विवेक पोषित करना चाहिए। बढ़ती उम्र के साथ धीरे-धीरे बच्चों को आत्म-निर्भर होने की ओर ले जाना चाहिए।
बच्चों पर पढ़ाई में अच्छे प्रदर्शन का दबाव रहता है। माता-पिता में बच्चों के भविष्य को लेकर असुरक्षा की भावना। डॉ. अनिल पाणिकर ने कहा कि बच्चों की रुचि के साथ उनकी सामर्थ्य और योग्यता को समझना जरूरी है। माता-पिता के लिए यह भी समझना जरूरी है कि परीक्षाओं में प्रसेंटेज का दबाव बच्चे पर न बनाएं। शिक्षा का असल उद्देश्य एक अच्छा, विवेकशील इंसान बनाना है। यह अपने निर्णय स्वयं लेने में सक्षम बनाता है। यह उद्देश्य पूरा होता है तो विद्यार्थी अपना जीवन-पथ स्वयं ही तय कर सकता है।
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