माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक।
जनवादी महिला समिति के प्रतिनिधिमंडल ने जंतर मंतर पर जाकर महिला पहलवानों के धरने को समर्थन दिया। यहां केंद्र सरकार से महिला पहलवानों की मांगों को तुरंत स्वीकारने की अपील की गई। प्रतिनिधिमंडल में जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं भीम अवॉर्डी जगमति सांगवान, राज्य महासचिव उषा सरोहा, राज्य कमेटी सदस्य भारती, दिल्ली की राज्य महासचिव आशा शर्मा व अध्यक्ष मैमूना मौला शामिल रहीं।
संगठन के नेताओं ने कहा कि खेलों में भारत व हरियाणा का नाम रोशन करने वाले कुश्ती खिलाड़ियों को अपना कॅरिअर दांव पर लगाकर न्याय पाने के लिए फिर से जंतर-मंतर पर धरने पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा है। तीन महीने पहले इन्हीं खिलाड़ियों ने जंतर मंतर पर धरना देकर भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष भाजपा सांसद बृजभूषण शरण पर यौन शोषण और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
इसके बाद केंद्र सरकार ने 6 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया, लेकिन अप्रैल के पहले सप्ताह में जांच कमेटी ने रिपोर्ट सरकार को सौंप ही। इसके बावजूद अब तक इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है। सात महिला पहलवानों ने अध्यक्ष के खिलाफ कनाॅट प्लेस पुलिस थाने में शिकायत दी है। इस पर भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। यह गंभीर स्थिति है कि खिलाड़ियों को जिस समय अपना कीमती वक्त ओलंपिक की तैयारियों में लगाना था, उन्हें वह समय न्याय के लिए संघर्ष करने में लगाना पड़ रहा है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और बेटी खिलाओ का नारा देने वाली भाजपा यौन हिंसा आरोपियों को बचाने में लगी है।
संगठन मांग करता है कि भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष के खिलाफ जांच करने वाली कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और खिलाड़ियों की शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए।