14सीटीके12... चुलियाना गांव में परिवार पहचान की त्रिुटियां दूर करने पहुंची महिला शिक्षिकाएं।
रोहतक। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) को लेकर जिले में शुक्रवार को 151 जगह लगाए गए शिविरों में 1034 लोग पहुंचे। इनमें 450 ने शिकायत दर्ज करवाई। बाकी 584 पूछताछ कर लौट गए। ज्यादातर यह पूछने आए थे कि नया परिवार पहचान पत्र कैसे बनेगा। क्या-क्या कागजात चाहिए।
शिविरों में आय कम कराने के लिए सबसे ज्यादा अर्जी आईं। इसके बाद जन्मतिथि ठीक कराने के आवेदन आए हैं। शुक्रवार को 151 शिविरों में 250 अर्जियां आईं। अकेले कलानौर खंड में 70 अर्जी आई हैं।
लोकसभा चुनाव भाजपा ने परिवार पहचान पत्र योजना को उपलब्धि बनाने का प्रयास किया। दावा किया कि इससे भ्रष्टाचार व गड़बड़ी पर रोक लगी है, लेकिन पीपीपी में मौजूद त्रुटियों के कारण आम आदमी की परेशानियां उपलब्धि पर भारी पड़ गई। ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले पीपीपी की त्रुटियों को दूर करने के लिए पुख्ता कदम उठाए हैं। इसके लिए 14 से 22 जून तक पूरे जिले में 151 जगह शिविर लगाए जाने हैं। शिविर लगातार 9 दिन तक चलेंगे।
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छुट्टी के चलते देरी से पहुंचे कई शिक्षक
शिक्षकों की गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं। विभाग ने 302 शिक्षकों को अचानक परिवार पहचान पत्र को लेकर लग शिविरों में ड्यूटी लगा दी जबकि कई शिक्षक घूमने परिवार सहित बाहर गए हुए थे। ऐसे में शुक्रवार को कई शिक्षक सुबह नौ बजे स्कूल नहीं पहुंच सके। ऐसे में देरी से शिविर चालू हुए। शहर से ज्यादा ग्रामीण एरिया में परिवार पहचान पत्र को लेकर ज्यादा शिकायत मिली हैं।
वर्जन
जिला प्रशासन की तरफ से 22 जून तक पूरे जिले में परिवार पहचान पत्र की त्रुटियां दूर करने के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। आम लोगों से आग्रह है कि वे शिविरों में पहुंचकर त्रुटियां दूर करवाएं। गांव के अलावा वार्ड स्तर पर शिविरों का आयोजन सरकारी स्कूलों में किया गया है।
वैशाली सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त, रोहतक