पहरावर गांव में भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते नवीन जय हिंद।
रोहतक। जयहिंद सेना की ओर से रविवार को भगवान परशुराम जन्मोत्सव मनाया गया। पहरावर की जमीन पर 45 पार तापमान में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। सारा पंडाल फरसाधारियों के नारों व भगवान परशुराम के जयघोष से गुंजायमान रहा। जयहिंद सेना प्रभारी नवीन जयहिंद ने भगवान परशुराम की 121 फीट ऊंची प्रतिमा निर्माण का शिलान्यास किया। दावा किया गया कि अब तक की यह भगवान परशुराम की सबसे ऊंची मूर्ति है।
रविवार को नवीन जयहिंद ने कहा कि मौसम गर्म है। यहां पहुंचे लोग उससे भी गर्म हैं। समाज के लोग ठंडे पड़ जाते तो यह जमीन कभी नहीं मिलती। मान-सम्मान व स्वाभिमान के लिए फरसा उठाने वाले ही परशुराम के असली अनुयायी हैं। महिला के सम्मान के लिए, गरीबों के हक की लड़ाई व समाज की आवाज उठाने के लिए फरसा उठाना योद्धा का धर्म होता है। जो हक की आवाज नहीं उठा सकते तो किसी भी भगवान के भक्त नहीं हो सकते। यहां पहुंचा हर युवा, बुजुर्ग, महिला किसी रैली में नहीं आए। वे भगवान परशुराम के दरबार में हाजिरी लगाने आए हैं। इसी फरसे के दम पर 36 बिरादरी के भाईचारे ने पहरावर की जमीन की लड़ाई लड़ी। बुजुर्गों की पेंशन बनवाई, पीपीपी में हुई गड़बड़ी ठीक करवाई, बेरोजगारों की बारात निकाली, पानी की समस्या उठाई। इस मौके पर अनेक लोग मौजूद रहे।