पत्रकारों से बातचीत करते सांसद डॉ.अरविंद शर्मा। स्रोत : पार्टी
रोहतक। लोकसभा चुनाव में आरक्षण आंदोलन के दौरान 2016 में हुई हिंसा का मुद्दा फिर उठने लगा है। शनिवार को भाजपा प्रत्याशी डॉक्टर अरविंद शर्मा ने पत्रकारवार्ता में कहा कि दोबारा 2016 जैसे हालात नहीं बनने देंगे। धमकाने की राजनीति अब नहीं चलेगी। उनका योजनाबद्ध तरीके से विरोध किया जा रहा है।
शहर के आर्य नगर में सांसद एक कार्यक्रम में पहुंचे। वहां पत्रकारों से डॉक्टर अरविंद शर्मा ने कहा कि सबको पता है भाजपा का विरोध कौन करवा रहा है। विरोध करने वालों को तैयार किया जा रहा है। सरपंचों को भी एकत्रित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुरानी तकनीकी फेल हो गई, जबकि नए तरीके से विरोध करवाया जा रहा है। 2016 की हिंसा के सवाल पर भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि खुद कांग्रेस नेता ने गलत बयान दिया है। इतना ही नहीं, 1998 के चुनाव में ताऊ देवीलाल 317 के करीब वोटों से हारे, तब दोबारा उनकी मतगणना नहीं करवाई गई।
उधर, पूर्व सरपंच ने की चुनाव आयोग से भाजपा प्रत्याशी की शिकायत
महम चौबीसी के एक गांव के पूर्व सरपंच ने भाजपा प्रत्याशी अरविंद शर्मा की चुनाव आयोग से शिकायत की साथ ही लीगल नोटिस भी भेजा है। पूर्व सरपंच का कहना है कि उनका फोटो दिखाकर आरोप लगाया गया कि उन्होंने बड़ाली गांव में भाजपा प्रत्याशी का विरोध किया, जबकि वे उस समय गांव में नहीं थे। उन्होंने मांग की है कि भाजपा प्रत्याशी सबूत दिखाएं या माफी मांगें।