रोहतक (वि)। बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के विधि संकाय में दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता, 2016 (आईबीसी) पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय तथा सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता संचिका मक्कर ने विद्यार्थियों को ऋण वसूली, कॉर्पोरेट दिवालियापन, ऋण समाधान प्रक्रिया और संहिता के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कानून ऋणदाताओं और ऋण लेने वालों के हितों में संतुलन बनाते हुए वित्तीय समस्याओं के समयबद्ध समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस अवसर पर डीन डॉ. मनीष दलाल, विभागाध्यक्ष डॉ. रितु, संयोजक डॉ. सीमा देवी, डॉ. परमिला सहित शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।