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Haryana: फिर आंदोलन की राह पर किसान, कुरुक्षेत्र में बल प्रयोग के बाद प्रदेशभर में की सड़कें जाम

Tue, 06 Jun 2023 09:30 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, हरियाणा

सार

सूरजमुखी खरीद को लेकर मंगलवार को आखिरकार किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। भाकियू के बैनर तले हजारों किसानों ने हाईवे जाम कर दिया। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे से देर शाम तक हाईवे जाम रहा। शाम को पुलिस ने बल प्रयोग कर किसानों को उठा दिया।
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सोनीपत में रोड जाम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के कुरुक्षेत्र में किसानों पर लाठीचार्ज के विरोध में किसान संगठनों ने प्रदेश के कईं जिलों में रोड जाम किए गए। हिसार, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, यमुनानगर सहित कईं जिलों से सड़क जाम की खबरें आ आई। हिसार में मंगलवार देर शाम हिसार-चंडीगढ़ हाईवे पर कुछ देर के लिए जाम लगाया। कुछ किसान मय्यड़ रामायण टोल प्लाजा पर भी जुटे। किसानों ने भाजपा-जजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। जिला प्रशासन ने हाईवे जाम किए जाने की आशंका को लेकर पुलिस बल को अलर्ट किया गया है। फिलहाल सभी टोल पर पुलिस बल को भेजा गया है। किसान संगठनों ने कहा कि कुरुक्षेत्र में गिरफ्तार किए गए सभी किसानों को तुरंत रिहा किया जाए। अगर किसानों को रिहा नहीं किया गया तो सभी हाईवे जाम कर देंगे।

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महम में भी जुटे किसान

कुरुक्षेत्र में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध स्वरूप महम के पास भैनी महाराजपुर गांव में नेशनल हाईवे जाम किया गया। रात को किसान सड़कों पर उतर आए।

सोनीपत में तीन जगह जाम
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सूरजमुखी बीज की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं करने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के सदस्यों ने मंगलवार देर शाम जिले में अलग-अलग तीन जगह रोड जाम कर दिया। जिसके चलते वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रोड जाम के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।  

गन्नौर क्षेत्र में भाकियू के सदस्यों ने गांव सरढ़ाना के निकट खुबडू रोड जाम कर दिया। गोहाना क्षेत्र में गांव भैंसवान खुर्द के पास रोहतक मार्ग और गांव कथूरा के पास महम रोड जाम किया गया। प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल, जिलाध्यक्ष अशोक लठवाल, युवा जिलाध्यक्ष विरेंद्र पहल ने सरकार से अपने फैसले वापस लेने की मांग की। साथ ही गिरफ्तार किसानों को रिहा किए जाने की मांग की।

झज्जर में भी लगाया जाम

झज्जर जिले के बेरी के भागलपुरी चौक पर किसानों ने जाम लगाया। डीएसपी प्रदीप कुमार मौके पर पहुंचे। भारतीय किसान यूनियन की महिला जिला अध्यक्ष ममता कादयान के नेतृत्व में जाम लगाया गया।

यमुनानगर

यमुनानगर में किसानों ने दो जगह जाम लगाया। सहारनपुर पंचकूला नेशनल हाईवे पर कैल के पास लगाया गया जाम 15 से 20 मिनट में खोल दिया गया। 

किसानों को हाईवे से उठाते पुलिसकर्मी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

शाहबाद में हुए लाठी चार्ज के विरोध में किसानों ने चीका में टटियाना पर लगाया जाम
कैथल के गांव टटियाना में टोल प्लाजा पर किसानों ने जाम लगा दिया। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम का नेतृत्व कर रहे भाकियू के जिला महासचिव गुरपाल गगड़पुर, आईटी सैल प्रभारी जरनैल सिंह जैली, किंद्र ठेकेदार व पाल चीका ने बताया कि किसान पिछले कई दिनों सूरजमुखी को एमएसपी पर खरीदने की मांग को लेकर शाहबाद में धरना दे रहे थे। उन्होंने बताया कि भाकियू के  राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने सरकार को अल्टीमेट दिया था कि या तो पांच जून तक किसानों की मांग पूरी की जाए अन्यथा छह जून को वे दिल्ली जम्मू मार्ग को जाम कर देंगे।

उन्होंने बताया कि जब सरकार ने किसानों की मांग को गंभीरता से नहीं लिया तो आज किसानों ने दिल्ली जम्मू हाईवे पर जाम लगा दिया जहां पर पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज कर उन्हें बुरी तरह से पीटा और किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी को गिरफ्तार कर किसी अज्ञात जगह पर ले गई। किसानों की मांग थी कि गुरनाम सिंह चढूनी को तुरंत प्रभाव से रिहा किया जाए और सूरजमुखी को एमएसपी पर खरीदने की घोषणा की जाए। 

मौके पर पहुंचे डीएसपी

किसानों द्वारा जाम लगाए जाने की सूचना मिलते ही डीएसपी गुहला सुनील कुमार व चीका थाना प्रभारी शिव कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों से जाम खोलने का आग्रह किया लेकिन किसान पहले अपने नेता गुरनाम सिंह चढूनी की रिहाई की मांग करते रहे। किसानों को कहना था कि यदि पुलिस ने उन्हें यहां से हटाना है तो वह उन्हें गिरफ्तार करके ही हटा सकती है जिसके बाद पुलिस ने एक दर्जन से अधिक किसानों को हिरासत में लिया और चीका थाना में ले आई, जिसके बाद चीका पटियाला रोड पर आवाजाही हो सकी। इस मौके पर हरदीप बदसुई, हरजिंद्र नंबरदार, कुलदीप सिंह, पाली, बलजीत सिंह भी मौजूद रहे।

कुछ किसान टटियाना टोल प्लाजा पर सड़क को जाम कर रहे थे। पहले उन्हें समझाकर रास्ता खोलने को कहा गया लेकिन जब वे नहीं माने तो उन्हें हिरासत में लिया गया है। इस संबंध में आगामी कार्रवाई जारी है। -सुनिल कुमार, डीएसपी गुहला।

यह है मामला
सूरजमुखी खरीद को लेकर मंगलवार को आखिरकार किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। भाकियू के बैनर तले हजारों किसानों ने हाईवे जाम कर दिया। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे से देर शाम तक हाईवे जाम रहा। देर शाम शाहाबाद में दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे जाम लगाने पर किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पहले वाटर कैनन से पानी की बौछारें छोड़ी गई, फिर बल प्रयोग किया गया। जिसके साथ ही हाईवे खाली करवा दिया गया है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने करीब 40 किसानों को हिरासत में भी लिया है।

पहले पांच मिनट तक चली पानी की बौछारें, फिर चले पुलिस के डंडे
नेशनल हाईवे जाम कर रहे किसान प्रशासन की अपील के बाद भी हाईवे खाली करने पर राजी नहीं हुए, जिसके चलते पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ दिया। इससे पहले पांच मिनट तक वाटर कैनन की बौछारें की गई।


एसडीएम कपिल शर्मा ने दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे जाम कर धरना दे रहे किसानों को देर शाम करीब सात बजकर पांच मिनट पर अपील की कि हाईवे खाली किया जाए। उन्होंने हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि आम जन की सुविधा को देखते हुए हाईवे जाम नहीं किया जा सकता। उन्होंने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि पांच मिनट में हाईवे खाली करना होगा अन्यथा पुलिस कार्रवाई करेगी। किसान इस पर भी नहीं मानें तो सवा सात बजे पुलिस की ओर से वाटर कैनन की बौछारें छोड़ी गई, जिसके साथ ही लाठीचार्ज शुरू कर दिया गया।

हालांकि इस दौरान कुछ पत्थर भी फेंके गए। लाठीचार्ज में आधा दर्जन किसान घायल बताए जा रहे हैं तो वहीं करीब 30 से ज्यादा किसानों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है। फिलहाल कोई भी अधिकारी इस घटनाक्रम को लेकर बातचीत को तैयार नहीं है। वहीं किसान नेताओं से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। 

बता दें कि सूरजमुखी खरीद को लेकर मंगलवार को आखिरकार किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। भाकियू के बैनर तले हजारों किसानों ने हाईवे जाम कर दिया। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे से देर शाम तक हाईवे जाम रहा, जिससे सैकड़ों वाहन दोनों ओर फंसे रहे तो वहीं पुलिस को रूट डायवर्ट करना पड़ा। प्रदर्शनकारी किसानों का नेतृत्व कर रहे गुरनाम सिंह चढूनी ने ऐलान किया है कि उन्हें हाईवे से हटाने के लिए बल प्रयोग किया गया तो पूरे प्रदेश को बंद कर दिया जाएगा।

सुबह शहीद ऊधम सिंह हाल में किसानों ने महापंचायत की और उनके बढ़ते गुस्से को देख जिला उपायुक्त शांतनु शर्मा व एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया भी पहुंचे और किसानों को मनाने के भरसक प्रयास किए, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे।

लाठीचार्ज के बाद हाईवे पर पड़ी किसानों द्वारा बिछाई दरियां

हालांकि किसानों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे, लेकिन हजारों किसान शहीद ऊधम सिंह स्मारक के रास्ते शहीद को श्रद्दांजलि देने के बाद पुल की करीब 30 फीट चढ़ाई चढ़ने के बाद नेशनल हाईव पर जा पहुंचे और दोनों तरफ से जाम कर दिया।

कुरुक्षेत्र में किसानों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
ऐसे में किसानों को रोकने के पुलिस के सभी प्रबंध धरे के धरे रह गए। पुलिस किसानों की रणनीति समझ नहीं पाई। हालांकि डीएसपी रणधीर सिंह स्वयं आंदोलनकारी किसानों के पीछे भागते नजर आए लेकिन उससे पहले किसान अपने मिशन में कामयाब हो गये थे। 

प्रशासन को दिया गया था 12 बजे तक का अल्टीमेटम
बराड़ा रोड पर शहीद ऊधम सिंह हाल में किसानों की महापंचायत सुबह दस बजे शुरू हुई और गुरनाम चढूनी ने प्रशासन को 12 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था कि अगर सरकार की तरफ से कोई साकारात्मक संदेश है तो उसे किसानों तक पहुंचाया जाए। इसी बीच गुरनाम सिंह चढूनी ने एसडीएम कपिल शर्मा व डीएसपी रणधीर सिंह के साथ बैठक भी की, लेकिन वो बेनतीजा रही। लेकिन उसके बाद करीब 12.15 बजे डीसी व एसपी किसानों के बीच पहुंचे, लेकिन जब यह दोनों अधिकारी भी किसानों को आश्वस्त नहीं कर पाए तो गुरनाम सिंह चढूनी ने सड़क जाम करने की घोषणा कर दी और किसान उसी समय हाईवे के लिए कूच कर गए।

एमएसपी पर खरीद शुरू होने पर ही हटेंगे : चढूनी
थाना शाहाबाद के सामने नेशनल हाईवे पर किसानों के बीच बैठे गुरनाम सिंह चढूनी ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि 10 मई से मंडियों में सूरजमुखी की आवक शुरू हो गई थी। किसान पंखा आदि लगवाने के बाद फसल वापस ले जाने को मजबूर हैं जिससे व्यर्थ का आर्थिक बोझ किसानों पर पड़ रहा है। 

चढूनी ने कहा कि 30 मई को भावांतर योजना के तहत फसल की खरीद का पत्र सरकार की तरफ से जारी हुआ था, जो किसी भी किसान को मंजूर नहीं है और अब भी किसानों की एक ही मांग है कि उनकी फसल को एमएसपी पर खरीदा जाए। जब तक सरकार एमएसपी पर खरीद नहीं करती तो तब तक किसान सड़क नहीं छोड़ेंगे बेशक पुलिस जो चाहे कार्रवाई करे। जबरन उठाया तो पूरे प्रदेश को बंद कर दिया जाएगा। दो जून को चंडीगढ़ में शिक्षा मंत्री सहित पांच प्रशासनिक अधिकारियों के साथ किसान यूनियन के सात सदस्यों की बैठक बेनतीजा रही थी और भाकियू ने पांच जून तक का अल्टीमेटम प्रशासन को दिया था।

हाईवे पर ही लंगर सेवा
नेशनल हाईवे पर ही डेरा कार सेवा शाहाबाद द्वारा किसानों के लिए लंगर की व्यवस्था की  गई।  दोपहर से सायं तक सड़क पर ही लेट कर विश्राम किया। दूसरी ओर हजारों की गिनती में पुलिस जवानों ने थाना परिसर में दोपहर का खाना खाया है और पुन: अपनी डयूटी पर डट गये। वहीं गुप्तचर विभाग भी सक्रिय रहा।

नौ डयूटी मेजिस्ट्रेट रहे तैनात, 700 से ज्यादा पुलिसकर्मी
किसानों को सड़क पर जाने से रोकने के लिए प्रशासन की ओर से नौ डयूटी मैजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे तो वहीं 700 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए। इसके बावजूद किसान हाईवे पर जाम लगाने में सफल रहे।

किसान आन्दोलन के चलते रूट किया था डायवर्ट, लाठीचार्ज के बाद खुला
दिल्ली- करनाल की तरफ से आने वाले वाहनों के लिए मार्ग 
चंडीगढ़-अंबाला की तरफ जाने वाहनों के लिए सेक्टर 2/3 कट से ब्रह्मसरोवर, तृतीय गेट केयूके ढांड रोड से नेशनल हाईवे 152 डी रहेगा।
यमुनानगर की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए पिपली चौंक पुल के नीचे से वाया लाडवा-यमुनानगर रहेगा।

चण्डीगड़-अंबाला की तरफ से आने वाले वाहनों के लिए डायवर्ट मार्ग 
करनाल-दिल्ली-यमुनानगर जाने वाले वाहनों के लिए अमन होटल वाला पुल जीटी रोड पर ना चढ़कर पुल के नीचे से साहा कट से वाया दौसडका, अधौया, बाबैन से होते हुए लाडवा पहुंचकर यमुनानगर व करनाल-दिल्ली रहेगा। 
कैथल-हिसार-कुरूक्षेत्र जाने वाले वाहनों के लिए साहा पुल के नीचे से जलेबी पुल से होते हुए वाया ठोल, 152 डी रहेगा।
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मार्केट कमेटी कार्यालय पर किसानों और पुलिस में धक्का-मुक्की - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला में 100 पर केस दर्ज
अंबाला में सूरजमुखी की सरकारी खरीद को लेकर नाराज किसानों के प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने किसान नेताओं सहित 100 के खिलाफ केस दर्ज किया है। सूरजमुखी की खरीद न होने से खफा किसानों द्वारा मोहड़ा अनाज मंडी में मार्केट कमेटी कार्यालय पर जड़ा ताला मंगलवार पुलिस ने जबरन खुलवा दिया। दोपहर को भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और किसानों को कार्यालय के मुख्य गेट के सामने से हटाना किया। इस बीच किसान व पुलिस आमने-सामने हो गई। पुलिस मुलाजिमों की संख्या ज्यादा होने के कारण किसानों को हटाने में पुलिस सफल रही। मौके पर नायब तहसीलदार जसवंत मौजूद रहे। किसानों द्वारा जड़े ताले की चाबी न देने पर पुलिस ने कटर मंगवाकर उसे काटा और कर्मचारियों को भीतर भेजकर काम शुरू कराया। देर शाम तक पुलिस पहरे के बीच ही मार्केट कमेटी कार्यालय में काम चला।

उधर, किसान भी मार्केट के बाहर टेंट लगाकर धरने पर डटे रहे। किसानों नेताओं का कहना था कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती है धरना जारी रहेगा। किसान कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। पहले सोमवार को अनाज मंडी में रोष जताया था। फिर ताला जड़ दिया था। किसानों का कहना है कि जब मोहड़ा अनाज मंडी में सूरजमुखी की खरीद ही नहीं हो रही है तो कार्यालय के खुले होने का कोई महत्व ही नहीं है।

पुलिस कार्रवाई से खफा किसानों ने जमकर नारेबाजी की। धक्का-मुक्की की वीडियो भी किसानों ने सोशल मीडिया पर वायरल की। वे दूसरे किसानों से मोहड़ा अनाज मंडी में जुटने की अपील करते हुए दिखाई दे रहे थे। शाम तक वहीं किसान जमा रहे।
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