इनेलो नेता एवं ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला का कहना है कि पूर्व की हुड्डा सरकार के समय जहां भू माफिया, तो अब भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के समय में नशा माफिया पनप रहा है। जल्द बरोदा उपचुनाव होगा, जिसमें हलके के लोग कांग्रेस के साथ गठबंधन को भी सबक सिखाएंगे। चौटाला सप्ताह में दूसरी बार रोहतक पहुंचे और निजी गार्डन में शनिवार को रोहतक जिले के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। चौटाला ने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार में जहां 72 हजार एकड़ जमीन का सीएलयू के नाम पर घोटाला किया गया, वहीं इस सरकार में लॉकडाउन की आड़ में नशे का व्यापार धड़ल्ले से चल रहा है। उन्होंने कहा कि शराब घोटाले की जांच कर रही टीम को आबकारी विभाग ने कोई भी रिकॉर्ड देने से मना कर दिया। इससे गठबंधन सरकार की नीयत पर प्रश्न चिह्न लगता है। उन्होंने कहा कि जजपा ने लोगों के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने जहां वृद्धावस्था पेंशन 5100 रुपये देने के अलावा युवाओं को 75 प्रतिशत रोजगार में भागीदारी की बात कही थी। आज वे लोगों के बीच में आने से कतरा रहे हैं। यहां तक कि बड़े-बड़े पदाधिकारियों का भी फोन से संपर्क नहीं हो पाता। जो कार्यकर्ता इनेलो छोड़कर दूसरे दलों में गए थे, वे अब पछता रहे हैं। बरोदा उपचुनाव पर अभय चौटाला ने कहा कि उपचुनाव में अप्रत्याशित एवं चौंकाने वाले परिणाम आएंगे। इस उपचुनाव में जहां भाजपा-जजपा गठबंधन को करारी शिकस्त मिलेगी, वहीं कांग्रेस का भी सुपड़ा साफ हो जाएगा। इस उपचुनाव में इनेलो उम्मीदवार अपना परचम लहरायेगा व भविष्य में प्रदेश में इनेलो का राज कायम होगा। पिछले दिनों बुटाना गांव में दो पुलिस कर्मियों का बेरहमी से कत्ल कर दिया गया, जिससे साबित होता है कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। डीजल व पेट्रोल के दाम दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं, जबकि कच्चे तेल का भाव लगातार गिरता जा रहा है। किसानों के फसलों का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। इस अवसर पर पार्टी प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी, इनेलो प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश भारती, नरेंद्र प्रजापति, जिलाध्यक्ष डॉ. नफेसिंह लाहली, पूर्व सांसद कैप्टन इंद्र सिंह, पूर्व विधायक बलवंत मायना, कृष्ण कौशिक, सुशीला राणा, वेद सिंह नैन, हैप्पी भालोठ, वेद भराण, श्वेता राठी एडवोकेट, ईश्वर सिंह मलिक, विनोद अहलावत, दलबीर नेहरा, सुनीता नांदल, कुलदीप दहिया, देवेंद्र राठी, दिलावर सिंह, राजबीर बाल्मीकि, सूरज देहरनाज, बलराज खासा, जगमाल गद्दीखेड़ी, आदित्य समन फरमाना, रणबीर हुड्डा, विक्रम डुमोलिया, अरविंद गोस्वामी, सुरेंद्र कन्हेली, ताजबीर शिमली, मास्टर मुख्तयार सिंह, दलेल ढाका, राजेश ढाका, भोला ढाका, खंजान सिंह सैन, करतार काहनी, शीला खरैंटी, वेद भराण, दलबीर नेहरा, भीम चिड़ी, नीतेश बाल्मीकि, बीजल ढाका, राजेश कटवाड़ा, संदीप नेहरा, जस्सा निंदाना, पन्ना लाल जैन, मनोज भालौठ, आजाद नांदल, कमला मलिक, सतबीर सहरावत, विकास, उपेंद्र, महेंद्र सुंडाना व निशान सिंह भी मौजूद रहे।