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Kisan Andolan: 16 टोल कराए फ्री, 1500 बसों का चक्का जाम, कार्यालयों पर लटके ताले, कल निकालेंगे ट्रैक्टर मार्च

Fri, 16 Feb 2024 11:27 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़/रोहतक/करनाल/हिसार (हरियाणा)

सार

हरियाणा में बाजारों और सड़कों पर भारत बंद का सीमित असर दिखा। तीन घंटे टोल फ्री होने से 50 लाख के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है।
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किसान आंदोलन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत 12 मांगों को लेकर आंदोलित पंजाब के किसानों के समर्थन में हरियाणा के किसानों ने शुक्रवार को नौ अलग-अलग जिलों में 16 टोल प्लाजा को तीन घंटे के लिए फ्री कराया। दोपहर 12 से 3 बजे तक टैक्स नहीं मिलने से एनएचएआई व संबंधित कंपनियों को 50 लाख रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है। दूसरी ओर, संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद का सीमित असर देखने को मिला।

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सभी शहरों में बाजार पूरी तरह से खुले रहे। वहीं, प्रदेशभर में रोडवेज की करीब 1500 बसों का चक्का रहा और हजारों कर्मचारियों ने कार्यालयों में ताले जड़ हड़ताल में हिस्सा लिया। बसें नहीं चलने से रोडवेज और कई विभागों में कैश काउंटर बंद होने से हरियाणा सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। इस दौरान यात्रियों और आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

टोल फ्री कराने के आह्वान का सबसे अधिक असर जीटी बेल्ट के जिलों में रहा। अंबाला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, करनाल और पानीपत जिलों में कुल आठ टोल फ्री कराए गए। इससे कुल 29 लाख रुपये का नुकसान हुआ। यहां पर खुद भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने मोर्चा संभाला।किसान नेताओं ने हिसार में चार, सिरसा में एक और चरखी दादरी में एक टोल फ्री कराया। सभी टोल प्लाजा पर 1 लाख रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक नुकसान का अनुमान है।

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किसान आंदोलन - फोटो : संवाद
पांच शहरों में किसानों ने लगाया जाम
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) गुट के सदस्यों ने यमुनानगर में बिलासपुर के शिव चौक व रादौर में बस स्टैंड के पास दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक जाम लगाए रखा। कैथल में किसान संगठनों ने चंडीगढ़-हिसार हाईवे पर कुलतारण गांव और तितरम मोड़ और खनौरी-पातड़ा मार्ग पर गढ़ी पाडला गांव में सुबह नौ से शाम चार बजे तक जाम लगाया। इसमें महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वहीं, जींद में रोडवेज की चार बसें ही चली। संयुक्त किसान मोर्चा ने जुलाना, उचाना, नरवाना, अलेवा में जाम लगाए। दोपहर 12 बजे से चार बजे तक यह जाम लगे। भिवानी जिले में 11 जगहों पर किसानों ने आंशिक रूप से सड़क जाम की। किसानों ने कितलाना टोल के समीप धरना भी दिया। फतेहाबाद के गांव अयाल्की में लगे बैरिकेड्स पर किसान चौथे दिन भी धरने पर डटे रहे। टोहाना में किसान संयुक्त मोर्चा ने सात गांवों के मुख्य रास्तों को बंद कर दिया।

कर्मचारियों की हड़ताल से 220 करोड़ का राजस्व प्रभावित
कर्मचारी संगठनों की हड़ताल से 220 करोड़ का सरकारी राजस्व प्रभावित होने का अनुमान है। शुक्रवार को पूरे प्रदेश में रोडवेज की 1500 बसों का चक्का जाम रहा। पानीपत, करनाल, कैथल, सिरसा, हिसार, जींद, रोहतक और सोनीपत में रोडवेज बसें काफी कम चलीं। वहीं, यमुनानगर, अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी और नारनौल में बसों की आवाजाही सुचारू रही। तहसील कार्यालयों, ई दिशा केंद्रों सहित अन्य विभागों में भी काम ठप रहा। भिवानी व चरखी दादरी में 55 पटवारी हड़ताल पर रहे।

आज दोपहर 12 बजे से ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे किसान
भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के आह्वान पर यूनियन के नेतृत्व में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक टोल निशुल्क कराए गए। गुरनाम सिंह चढूनी के आह्वान पर 17 फरवरी को प्रदेश में 12 बजे से ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने टोल पर सरकार विरोधी नारे लगाते हुए कहा कि सरकार किसानों पर लाठीचार्ज करा रही है।
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