पांच शहरों में किसानों ने लगाया जाम
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) गुट के सदस्यों ने यमुनानगर में बिलासपुर के शिव चौक व रादौर में बस स्टैंड के पास दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक जाम लगाए रखा। कैथल में किसान संगठनों ने चंडीगढ़-हिसार हाईवे पर कुलतारण गांव और तितरम मोड़ और खनौरी-पातड़ा मार्ग पर गढ़ी पाडला गांव में सुबह नौ से शाम चार बजे तक जाम लगाया। इसमें महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वहीं, जींद में रोडवेज की चार बसें ही चली। संयुक्त किसान मोर्चा ने जुलाना, उचाना, नरवाना, अलेवा में जाम लगाए। दोपहर 12 बजे से चार बजे तक यह जाम लगे। भिवानी जिले में 11 जगहों पर किसानों ने आंशिक रूप से सड़क जाम की। किसानों ने कितलाना टोल के समीप धरना भी दिया। फतेहाबाद के गांव अयाल्की में लगे बैरिकेड्स पर किसान चौथे दिन भी धरने पर डटे रहे। टोहाना में किसान संयुक्त मोर्चा ने सात गांवों के मुख्य रास्तों को बंद कर दिया।
कर्मचारियों की हड़ताल से 220 करोड़ का राजस्व प्रभावित
कर्मचारी संगठनों की हड़ताल से 220 करोड़ का सरकारी राजस्व प्रभावित होने का अनुमान है। शुक्रवार को पूरे प्रदेश में रोडवेज की 1500 बसों का चक्का जाम रहा। पानीपत, करनाल, कैथल, सिरसा, हिसार, जींद, रोहतक और सोनीपत में रोडवेज बसें काफी कम चलीं। वहीं, यमुनानगर, अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी और नारनौल में बसों की आवाजाही सुचारू रही। तहसील कार्यालयों, ई दिशा केंद्रों सहित अन्य विभागों में भी काम ठप रहा। भिवानी व चरखी दादरी में 55 पटवारी हड़ताल पर रहे।
आज दोपहर 12 बजे से ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे किसान
भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के आह्वान पर यूनियन के नेतृत्व में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक टोल निशुल्क कराए गए। गुरनाम सिंह चढूनी के आह्वान पर 17 फरवरी को प्रदेश में 12 बजे से ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने टोल पर सरकार विरोधी नारे लगाते हुए कहा कि सरकार किसानों पर लाठीचार्ज करा रही है।