29सीटीके20- पत्रकारों से बातचीत करते खेल क्रांति फाउंडेशन राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवेश नांदल। स्रोत
रोहतक। खेल दिवस के दिन खेल क्रांति फाउंडेशन ने देश में खेलों में हो रहे भ्रष्टाचार को रोकने व खिलाड़ियों के साथ हो रहे शोषण के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला लिया है। खिलाड़ियों के साथ मिलकर चलने के लिए भारतीय खेल यूनियन की शुरुआत का भी दावा किया गया है।
खेल क्रांति के प्रधान प्रवेश नांदल ने बताया कि खेल क्रांति फाउंडेशन ने 16 जनवरी से 6 फरवरी तक हरियाणा में खेल सशक्तीकरण यात्रा की। इससे एक चीज तो साफ हो गई कि सरकार ने पिछले कुछ साल में हरियाणा में खेलो के स्तर को गिराने का काम किया है। पिछले 10 वर्षों में सरकार ने एक भी स्टेडियम बनाकर खिलाड़ियों को नहीं दिया। स्टेडियम पिछली सरकारों ने बनाए थे, उनकी हालत खस्ता है। सरकार ने जितना पैसा खेलों की उपलब्धि गिनने में लगाया है, उतना पैसा खेलों के उत्थान में लगा देती तो खेल व खिलाड़ियों की इतनी बुरी हालत नहीं होती। सरकार ने पिछले 10 वर्षों में खेलों में की गई आधी से ज्यादा घोषणाओं पर काम भी शुरू नहीं हुआ है। अधिकारियों व कोच की नाक के नीच खिलाड़ी स्टेरॉयड का उपयोग कर रहे हैं। इंजेक्शन व दवाएं बड़ी मात्रा में प्रयोग हो रहे हैं। खिलाड़ियों के साथ हो रहे शोषण के खिलाफ अधिकारियों व प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई नहीं करने के कारण बहुत से खिलाड़ी खेल छोड़ने को मजबूर हैं।