दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर धरनारत महिला पहलवानों के समर्थन में 23 मई को इंडिया गेट पर कैंडल मार्च निकाला जाएगा साथ ही 28 मई को प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किए जाने वाले नए संसद भवन के सामने इसी दिन महिला महापंचायत होगी। इनमें खापों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे और सरकार के विरोध में प्रदर्शन करेंगे। जब तक सरकार आरोपी बृजभूषण सिंह को गिरफ्तार कर उसका नार्को टेस्ट करा कर निष्पक्ष जांच नहीं कराती, वे पीछे नहीं हटेंगे। रविवार को हरियाणा के रोहतक जिले के महम चौबीसी के ऐतिहासिक चबूतरे पर सुबह दस बजे से सायं चार बजे तक चली सर्वखाप महापंचायत में 11 सदस्यीय समिति ने यह निर्णय लिया है।
महापंचायत में ये खाप प्रतिनिधि पहुंचे
देशव्यापी महापंचायत में विभिन्न खापों, पंचायत प्रतिनिधियों, किसान नेताओं व अन्य सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने शिरकत की। इनमें दहिया, मलिक, पालम, धनखड़, जाटू खाप, सांगवान, नेहरा, फोगाट, दलाल, कंडेला, बाल्याण, हुड्डा, नरवाल खाप के अलावा धानक समाज, वाल्मीकि समाज, ब्राह्मण, रोड, गुज्जर व प्रजापति समाज शामिल हैं। पंचायत की अध्यक्षता महम चौबीसी सर्वखाप पंचायत के प्रधान मेहर सिंह नंबरदार ने की।
11 सदस्यीय कमेटी में ये हैं शामिल
कमेटी में महम चौबीसी सर्वखाप पंचायत के प्रधान मेहर सिंह नंबरदार, पंचायत सचिव रामफल मास्टर, दहिया खाप से जयपाल दहिया, कंडेला खाप से ओमप्रकाश कंडेला, उत्तर प्रदेश से सतीश चेयरमैन, फोगाट खाप से बलवंत फोगाट, जाटू खाप से रोहतास, उत्तर प्रदेश से ताराचंद, पंजाब से तेजबीर संतोख, उत्तर प्रदेश से मित्र पाल मलिक, दिल्ली पालम खाप से सुरेंद्र शामिल रहे।
कैंडल मार्च और महिला महापंचायत में भारी भीड़ जुटाने पर सहमति
महापंचायत की ओर से नियुक्त कमेटी ने निर्णय लिया कि 23 मार्च को महिला खिलाड़ियों द्वारा इंडिया गेट पर निकाली जाने वाले कैंडल मार्च में देश भर से ज्यादा से ज्यादा संख्या में महिला और पुरुष शामिल होंगे। इस पर मौजूद प्रतिनिधियों ने हाथ खड़े कर समर्थन किया। साथ ही पंचायत में आह्वान किया गया कि 28 मई को नए संसद भवन के सामने आयोजित महिला पंचायत में ज्यादा से ज्यादा लोग पहुंचें। खिलाड़ियों की कमेटी और महिला महापंचायत के निर्णय का पालन करने की भी बात कही गई।
आरोपी की गिरफ्तारी से कम कुछ भी मंजूर नहीं
महापंचायत अध्यक्ष मेहर सिंह नंबरदार ने कहा कि मामला सीधा देश की बेटियों से जुड़ा है। इसलिए आरोपी की गिरफ्तारी से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। खाप पंचायत बीच का रास्ता निकालने के लिए नहीं, बेटियों को इंसाफ दिलाने के लिए बुलाई गई है। पॉक्सो एक्ट लगने के बाद भी गिरफ्तारी न होना सरकार के लिए शर्म की बात है। बैठक में आए भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि पॉक्सो एक्ट लगने के बाद भी अगर गिरफ्तारी नहीं होती है तो यह केंद्र सरकार के लिए शर्म की बात है। किसी पर भी अगर पॉक्सो एक्ट लगता है तो उसकी फटाफट गिरफ्तारी होती है। लेकिन बृजभूषण पर केंद्र सरकार मेहरबान है। फेडरेशन अध्यक्ष होते हुए मेडल की कीमत 15 रुपये बताना शर्मनाक है। अगर वह मेडल की कीमत नहीं जानते तो वह देश के तिरंगे की कीमत भी नहीं जानते।
साक्षी मलिक ने मांगी मदद
ओलंपिक पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक भी आयोजित पंचायत में पहुंचीं। उन्होंने बताया कि जो बात उनके साथ हुई थी, उन्होंने उसी को देश के सामने रखा है। वे इंसाफ और सच्चाई की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस लड़ाई में खाप से मदद की गुहार लगाई है और अपील है कि आंदोलन में शांति बनाए रखें। किसान आंदोलन की तरह इस आंदोलन में भी अगर शांति बनी रहेगी तो सफलता अवश्य मिलेगी।