20सीटीके20- पीजीआई में उत्पीड़न की शिकार छात्रा से मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते महिला
रोहतक। सीनियर्स को हम अपना आदर्श समझते हैं। अगर वे छोटी-छोटी बातों पर दबाने का प्रयास करें, हमारा मानसिक उत्पीड़न करें, ट्रॉमा में डालने की कोशिश करें, तो इससे शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता। यह कहना है हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया का। वे मंगलवार को पीजीआई में पीड़ित छात्रा से बातचीत करने पहुंची थी। उन्होंने पीजीआई में सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ आवश्यकतानुसार सीसीटीवी कैमरे लगाने को कहा है।
रेनू भाटिया ने कहा कि छात्रा बहुत घबराई हुई है। शरीर पर कई चोटों के निशान हैं। उसके साथ पिछले सात-आठ महीनों से कई बार मारपीट हुई। आरोपी चिकित्सक चाकू की नोक पर उसके भाई का मर्डर करने की उसे धमकी देता था। ऐसे में वह उसकी मार भी सहन करती थी। दो दिन पूर्व इसका आईकार्ड ले लिया गया और इसका एग्जाम था। उन्होंने कहा कि छात्रा ने बताया है कि आईकार्ड की वजह से वह 2 दिन से अपराधी के साथ बातचीत करती रही। जब छात्रा ने उससे कहा कि सर मुझे आपके साथ कोई मित्रता नहीं चाहिए, तब उसे बुरी तरह से मारा गया। आरोपी डॉक्टर से आईकार्ड मांगा तो वह बोला- गाड़ी में बैठो कार्ड देता हूं। इसके बाद वह 12 घंटे तक इधर से उधर गाड़ी से घुमाता रहा। एक जगह पर उसने अंधेरे में उतारकर उसे बुरे तरीके से मारा। शरीर पर उसके मार के निशान साफ दिखाई देते हैं। ऐसी घटना किसी भी यूनिवर्सिटी, इंडस्ट्री, कॉलेज, स्कूल व विभाग कहीं पर भी बच्चियों के साथ अपमानजनक व्यवहार को महिला आयोग बर्दाश्त नहीं करेगा।
चेयरपर्सन ने कहा छात्रा के परिवार को सुरक्षा दी जाए। छात्रा ने चेयरपर्सन से कहा कि अब यहां नहीं पढ़ना चाहती है। दूसरे कॉलेज में ट्रांसफर करने का आग्रह किया है। चेयरपर्सन ने आश्वासन दिया है। अपराधी पहले भी पीजीआई में किसी महिला के साथ छेड़खानी कर चुका है। उस समय उसके परिवार वालों को शिकायत कर अपराधी को माफ कर दिया गया था।