जेबीटी अध्यापक सुरेश की अपने परिवार के साथ फाइल फोटो।
रोहतक-भिवानी मार्ग पर सैर के लिए निकले महेंद्रगढ़ के जेबीटी अध्यापक सुरेश कुमार (50) को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। मृतक महेंद्रगढ़ जिले के गांव जौनावास के रहने वाले थे। एक साल से कलानौर में किराये पर मकान लेकर परिवार के साथ रहते थे। फिलहाल कलानौर के सैंपल गांव में ड्यूटी थी।
पुलिस के मुताबिक महेंद्रगढ़ के गांव जौनावास निवासी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि वे तीन भाई व एक बहन हैं। उनका सबसे छोटा भाई सुरेश कुमार जेबीटी अध्यापक थे। बुधवार सुबह सुरेश कुमार सैर करने के लिए गए थे। कलानौर के बाईपास पर किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इस हादसे में चोट लगने के कारण सुरेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने अपनी पत्नी को फोन करके हादसे की सूचना दी। सूचना पाकर सुरेश के पड़ोसी प्रह्लाद मौके पर पहुंचे। वहां जाकर देखा तो सुरेश कुमार की मौत हो चुकी थी। वहीं अज्ञात वाहन चालक वहां से जा चुका था। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
दो बेटियों के पिता थे सुरेश कुमार
परिजनों ने बताया कि सुरेश कुमार का सपना था कि उसकी बेटियां पढ़-लिखकर आगे बढ़े। बड़ी बेटी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है, जबकि छोटी 10वीं में पढ़ती है। पिता की सड़क हादसे में मौत से दोनों बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है।