जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा की भेंट चढ़ीं बसें अभी तक रोड पर नहीं उतर सकी हैं। बसों में सामने की तरफ लगने वाले शीशे यानी विंड स्क्रीन लगवाने के लिए विभाग को अभी इंतजार करना पड़ेगा। यह इंतजार कितना लंबा होगा ये कहना मुश्किल है। गुड़गांव से आने वाली विंड स्क्रीन का स्टॉक खत्म हो चुका है, जब स्टॉक का मुंबई से आने का इंतजार है।
हिंसा के दौरान रोडवेज बसों में उपद्रवियों ने जमकर तोड़फोड़ की। इसमें आगजनी के अलावा शीशों को अधिक क्षति हुई है। जो विंड स्क्रीन थी उसे स्टॉक के साथ गुड़गांव से मंगवाकर लगवा दिया गया। अब विंड स्क्रीन का स्टॉक खत्म हो चुका है। विभाग की मानें तो उन्हें 150 से अधिक विंड स्क्रीन की अभी भी जरूरत है। अधिकारियों की मानें तो डिमांड भेजने पर जवाब मिलता है कि मुंबई आर्डर किया जा चुका है, जैसे ही उपलब्ध होगी भेज दिया जाएगा।
विंड स्क्रीन का गुड़गांव में भी स्टाक खत्म हो गया है। इसकी डिमांड मुंबई भेजी गई है। इसके अलावा अन्य बसों में तोड़फोड़ हुई थी उसे सही करा दिया गया है उन्हें रोड पर उतारा गया। अन्य बसों को भी जल्द से जल्द सही करवा दिया जाएगा।
आरएस पूनिया, महाप्रबंधक, हरियाणा रोडवेज रोहतक