(महम) रोहतक। महम चौबीसी के गांव भराण में एक दशक से चल रही खूनी रंजिश एक बार फिर उभर गई। आरोप है कि रंजिश के चलते महम शहर के वार्ड छह में रहने वाले मास्टर मोजीराम के घर पर चार-पांच युवकों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। फायरिंग में पांच दिन पहले जमानत पर बाहर आया मास्टर सहीराम का बेटा गौरव बाल-बाल बच गया। पुलिस को मौके से नौ कारतूस के खोखे बरामद हुए हैं। महम थाने में दूसरे पक्ष के युवक संचित व उसके साथियों के खिलाफ जानलेवा हमला करने का मामला दर्ज किया गया है।
गौरव ने दी शिकायत में बताया कि उसके परिवार की भराण निवासी संचित के परिवार के साथ पुरानी रंजिश चल रही है। वह 2016 में दर्ज हुए हत्या के मामले में पांच दिन पहले ही जमानत पर घर आया है। मंगलवार को करीब तीन बजे घर पर था, जहां उसका दोस्त असंध निवासी सचिन व पेहवा निवासी अजय आए हुए थे। तीनों बैठकर बात कर रहे थे कि तभी संचित अपने तीन-चार साथियों के साथ दीवार फांदकर अंदर आ गया। उन्होंने दरवाजा बंद कर रखा था। आरोपियों ने उसे जान से मारने की नियत से दरवाजे पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई। खिड़की से देखा तो संचित गोलियां चलाकर भागता दिखाई दिया। सूचना पाकर सीआईए तीन व महम पुलिस मौके पर पहुंची और एक घंटे की जांच पड़ताल कर आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया।
2014 में हुई थी पहली पंचायत, अब तक दो शिक्षकों की हो चुकी है हत्या
दोनों परिवार भराण गांव के रहने वाले हैं। करीब 10 साल से आपसी कहासुनी से शुरू हुई रंजिश बढ़ती चली गई। 2014 में मामले को लेकर पंचायत भी हुई, लेकिन 2016 में आरोपी संचित के पिता बिट्टू मास्टर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद 2017 में दूसरे पक्ष के महम में स्कूल का संचालन कर रहे 77 वर्षीय सहीराम की हत्या की गई। दोनों वारदात 21 अगस्त को हुई। अब एक अगस्त को फायरिंग का मामला सामने आया है।
घटनास्थल से नौ खोखे बरामद हुए हैं। आरोपी संचित व उसके साथियों के खिलाफ गौरव के बयान पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। वारदात की हर दृष्टिकोण से जांच की जा रही है।
जसवंत सिंह, प्रभारी चौकी महम शहर