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दिल्ली डुबोने की साजिश में राज्य सरकार ने हरियाणा के गांवों को नुकसान पहुंचाया : ढांडा

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रोहतक। राजनीतिक द्वेष में अंधी राज्य सरकार ने दिल्ली को डुबोने के लिए सुनियोजित साजिश के तहत हथिनी कुंड बैराज का पानी पूर्वी कैनाल व मेन स्ट्रीम में छोड़ा। पूर्वी व पश्चिमी कैनाल में 9 से 13 जुलाई को एक बूंद पानी नहीं छोड़ा गया। बैराज के 18 से 15 गेट हरियाणा की तरफ व तीन गेट यूपी की तरफ खुलते हैं। इन्हें व वेस्टर्न कैनाल को बंद रखा। नतीजतन हरियाणा के 13 जिलों के 982 गांवों के हजारों लोग आपदा में घिर गए। यह आरोप आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा ने लगाया है। वह शनिवार को पार्टी के रोहतक जोनल कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि दिल्ली की तरफ छोड़े गए पानी की वजह से करनाल, पानीपत और सोनीपत में सात जगह तटबंध टूटे। पिछले नौ साल से तटबंधों की मरम्मत नहीं हुई। इससे यमुनानगर के 10, करनाल के 34, पानीपत के 24 व सोनीपत के 22 गांव राजनीति का शिकार बने। दिल्ली में यमुना ने 208.66 मीटर रिकॉर्ड स्तर को छुआ। यह पहले कभी नहीं हुआ। पहले कभी भी ऐसी आपदा आई तो पानी को डिस्ट्रीब्यूट कर दिया जाता था। बाढ़ आपदा के नाम पर करोड़ों रुपये का दुरुपयोग हुआ है। सरकार इसका स्पष्टीकरण दे। उन्होंने कहा कि जहां तटबंध टूटे हैं, वहां अवैध माइनिंग होती है। यह सब सरकार की सरपरस्ती में चल रहा है। इस मौके पर प्रदेश सह सचिव डॉ. अनिल रंगा, जसवंत अंबेडकर, डॉ. परिमल, साहिल मग्गू, करण सिंह धनखड़, रविंद्र जाखड़, अरुण कटारिया, दुष्यंत रंगा और राम प्रकाश सुतवाल मौजूद रहे।
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