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Rohtak News: संकट मोचन मंदिर में चुनरियां ओढ़ाकर मांगी मां शैलपुत्री से सुख-समृद्धि

Wed, 10 Apr 2024 02:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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09सीटीके19... संकट मोचन मंदिर में  नवरात्र महोत्सव पर पूजा अर्चना करती साध्वी मानेश्वरी देवी और
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रोहतक। माता दरवाजा चौक स्थित संकट मोचन मंदिर में ब्रह्मलीन गुरुमां गायत्री के सानिध्य में चैत्र नवरात्र भक्तिभाव से प्रारंभ हुआ। गद्दीनशीन साध्वी मानेश्वरी देवी और भक्तों ने मंगलवार को मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की।
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साध्वी ने विधिनुसार व मंत्रोच्चारण के साथ मां दुर्गा के दरबार में सुबह 9 बजे शुभ मुहूर्त अनुसार कलश स्थापना की। तत्पश्चात अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई। नवरात्रों में निरंतर 9 दिन तक 24 घंटे मां दुर्गा की अखंड ज्योत जलेगी। इसी तरह 24 घंटे अखंड पाठ चलेगा, जिसे भक्तजन बारी बारी करेंगे। कार्यक्रम में प्रतिदिन सायं 4 से 6 दुर्गा स्तुति पाठ और साध्वी के प्रवचन होंगे। अखंड ज्योत के दर्शन प्रात: 5 से 12 बजे और सायं 5 से 8 बजे तक करेंगे। तत्पश्चात सत्संग, आरती और पंडित अशोक शर्मा प्रसाद वितरित करेंगे।

मंदिर परिसर जय माता दी के जयकारों से गूंज उठा

भक्तों ने नारियल की भेंट, लाल चुनरियां ओढ़ाकर, जल, गंगाजल, फल-फूल, चंदन, पान सुपारी से मां की पूजा अर्चना कर सुख-समृद्धि, शांति की कामना की और मां के जयकारे लगाए। श्रद्धालुओं में नवरात्र महोत्सव का काफी उत्साह था। जय माता दी, जय मां अंबे जय मां जगदंबे, आए मईया दे नवरात्रे, तूने मुझे बुलाया शेरावाली के भजनों और जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। भक्तजन मां के भजनों पर नाचते-गाते हुए भक्ति के रस में डूबे नजर आए। मां का दरबार, मंदिर और देवी देवताओं की प्रतिमाएं आकर्षित रंग-बिरंगी लाइटों से सजाई गई, जो काफी आकर्षक लग रही थी।
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सुख-समृद्धि की प्रतीक है मां शैलपुत्री : साध्वी मानेश्वरी

गद्दीनशीन साध्वी मानेश्वरी देवी ने प्रवचन देते हुए कहा कि मां शैलपुत्री हिमालयराज की पुत्री हैं। शैल का अर्थ है पत्थर या पहाड़। मां शैलपुत्री की कथा का श्रवण करने से व्यक्ति को जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
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