भारतीय सेना में जवानों की भर्ती प्रक्रिया बदल सकती है। सब कुछ ठीक ठाक रहा तो उम्मीदवार पहले लिखित परीक्षा देंगे। इसके बाद पास उम्मीदवारों का ही शारीरिक परीक्षण लिया जाएगा। यह मामला केंद्र सरकार और सेना के आला अधिकारियों के बीच विचाराधीन है।
सेना भर्ती के एक अधिकारी ने बताया कि उम्मीदवारों की शारीरिक परीक्षा सेना भर्ती का अहम हिस्सा है। इसमें काफी समय और ऊर्जा लगती है। भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की भीड़ का फिलहाल पहले शारीरिक परीक्षण होता है। इसमें दौड़, लंबी कूद, कद, सीना मापने सरीखी कठिन व अनिवार्य प्रक्रियाओं से उम्मीदवारों को दौड़ना पड़ता है। इसके बाद उन्हें लिखित परीक्षा में बैठने का मौका मिलता है।
शारीरिक परीक्षा से तीन से चार हजार उम्मीदवार होते हैं, जबकि लिखित परीक्षा में यह आंकड़ा सैकड़े तक सिमट कर रह जाता है। इस लिखित परीक्षा में भी ज्यादातर उम्मीदवार रह जाते हैं। ऐसे में यदि पहले लिखित परीक्षा हो जाए तो शारीरिक मापदंड को लेकर अधिक ऊर्जा व समय नहीं लगाना होगा। लिखित परीक्षा में पास उम्मीदवार को ही शारीरिक परीक्षा देनी होगी। सभी को दौड़ना नहीं पड़ेगा।