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इलाज के लिए पीजीआई आएं तो पंखा-कूलर साथ लाएं

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पीजीआई में टेबल फैन के सामने लेटा रोहित। अमर उजाला - फोटो : RohtakCity
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विकास सैनी
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रोहतक। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआई के हालात नाजुक हैं। यहां इलाज के लिए वार्डों में भर्ती मरीजों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। राहत के लिए उन्हें पंखा-कूलर घर से साथ लाना पड़ रहा है। यह सच शनिवार को पीजीआई के हालात जानने के लिए वहां का दौरा किया तो सामने आया। लोगों ने अपनी विवशता जाहिर करते हुए संस्थान की व्यवस्था को लचर बताया।
पीजीआई के वार्ड 12 में अनेक पंखे गायब नजर आए। पंखे टांगने के हुक व पाइप ही वहां लटके मिले। यहां कमरे में लगभग दो से चार पंखे बंद मिले। कूलरों के भी हालात खस्ता नजर आए। कहीं कूलर बंद पड़े थे तो कहीं मोटर गायब थी। अनेक कूलरों की जालियां व सामने की जाली भी गायब मिली। इस कारण कमरों में गर्मी से मरीजों का बुरा हाल रहा। इनमें से कुछ मरीजों के पास अलग से टेबल फैन या फर्राटा नजर आए। कुछ जगह कूलर भी मिले। इनके जरिये ही लोग अपने मरीजों को राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। अन्य वार्डों भी कुछ यही हाल नजर आया।
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पिता के लिए 10500 में खरीदा कूलर
पीजीआई में पिता उपचाराधीन हैं। इन्हें कैंसर है। पिछले करीब तीन माह से वार्ड में भर्ती हैं। यहां गर्मी के मारे मरीजों का बुरा हाल रहता है। पंखे खराब हैं। कूलर बंद पड़े हैं। एक कूलर की मोटर पंखे समेत गायब है। इसीलिए 10500 रुपये का कूलर खरीदना पड़ा।
- धीरपाल, आसन।
मां के लिए लाए फर्राटा, वह भी हुआ खराब
मेरी मां बीमार है। पिछले 15 दिन से पीजीआई में भर्ती है। यहां गर्मी के कारण बुरा हाल है। पंखे कुछ हैं कुछ नहीं।कूलर बेकार पड़े हैं। मरीज की परेशानी देखते हुए फर्राटा पंखा लाए थे। यह भी खराब हो गया। अब गर्मी में पसीने से भीगने के अलावा कोई रास्ता नहीं है।
- सरिता, बेरी।
700 रुपये में खरीदा टेबल फैन
पिछले 15 दिन से पीजीआई में उपचाराधीन हूं। यहां कमरे में कुछ पंखे हैं। कुछ ठीक करने के लिए उतारे थे। वे अभी लगने हैं। कूलर की सुविधा नहीं है। इसलिए गर्मी में राहत के लिए 700 रुपये का टेबल फैन खरीदा है। इसी से काम चल रहा है। गर्मी में पंखे बगैर नींद तक आना मुश्किल है।
- रोहित, गोहाना।
वार्ड नौ के बाहर बैठा मिला कुत्ता
पीजीआई के वार्ड नौ के बाहर गैलरी में कुत्ते घूमते हैं। शनिवार दोपहर अमर उजाला की टीम वार्डों का दौरा करने पहुंची तो कुत्ता बाहर सीढ़ियों के पास बैठा मिला। यह यहां काफी देर तक बैठा रहा। इससे पहले वार्ड के बाहर गैलरी में इधर-उधर घूमता रहा। ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
वार्ड 12 में फर्श पर बिखरा नजर आया कूड़ा
संस्थान के वार्डों में अनेक जगह कूड़ा नजर आया। वार्ड 12 के एक कमरे में फर्श पर दूर तक कचरा फैला रहा। इसमें रूई, कागज, पट्टी व अन्य सामान शामिल है। दूसरे वार्डों में भी अनेक जगह कचरा फैला मिला।
जर्जर हाल मिले वार्डों के भी शौचालय
पीजीआई के शौचालय भी बेहद दयनीय हालत में मिले। जनता गेट के प्रवेश द्वार पर बने शौचालय से उठती दुर्गंध लोगों को नाक बंद करके गुजरने को विवश करती है। अंदर वार्डों में भी जर्जर हाल शौचालय में कहीं दरवाजे टूटे पड़े हैं तो कहीं पानी लगातार बहता रहता है। वार्ड तीन, चार के हालात कुछ इसी तरह नजर आए।
सिविल अस्पताल की छत टपकी, पंखे खराब
वहीं सिविल अस्पताल की हालत भी बीमार नजर आती है। यहां की छत बारिश में टपकती है। टीकाकरण कक्ष के सामने सीलिंग का बड़ा हिस्सा गिर चुका है। हलकी बारिश आने पर ही यहां से पानी टपकने लगता है। चिकित्सा अधीक्षक के कमरे में जाने वाले रास्ते पर बारिश का पानी टपकता है। ओपीडी के बाहर हॉल में ही कई पंखे खराब मिले तो कई गायब। इस कारण लोग गर्मी से बेहाल नजर आए।
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वर्जन:
संस्थान में पंखे कूलर की पर्याप्त व्यवस्था है। मरीज या उनके परिजनों को इन्हें लाना पड़ा, इसकी जानकारी नहीं है। नई खरीद का कार्य भी जारी है। जल्दी ही नए पंखे व कूलर खरीद लिए जाएंगे। वार्डों का दौरा किया है। इस दौरान किसी तरह की समस्या सामने नहीं आई। फिर भी कहीं कोई कमी है तो इसे दूर किया जाएगा।
- डॉ. एसएस लोहचब, निदेशक, पीजीआई।
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