रोहतक। कोहरे का प्रकोप शुरू हो चुका है। सर्दी के मौसम में सड़क हादसे न हों, इसके लिए जरूरी है कि रिफ्लेक्टर लगाए जाएं, लेकिन रोहतक में अब इस पर कोई ठोस काम होता नहीं दिख रहा है। हालात यह है कि शहर के मुख्य सड़कों से भी रिफ्लेक्टर नहीं लगे हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, और कई ट्रकों में भी रिफ्लेक्टर नहीं लगे हैं। सड़क से कैट आई गायब हैं। इससे हादसे की संभावना बनी रहती है। ऐसे में घना कोहरा पड़ने पर रात में वाहनों से गुजरना लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है। अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को कोहरे से निपटने के लिए सड़कों पर लगे रिफ्लेक्टर का जायजा लिया तो यह सच सामने आया।
यहां नहीं हैं रिफ्लेक्टर
दिल्ली रोड, सोनीपत रोड, गोहाना रोड, राजीव गांधी स्टेडियम रोड, सुखपुरा चौक से जींद बाईपास, जींद रोड, हिसार रोड, भिवानी रोड, शीतल नगर, नई अनाजमंडी के पास, सुखपुरा चौक, और झज्जर चुंगी से रुपया चौक तक, भिवानी रोड पर भाली शुगर मिल के पास कई जगह कैट आई और रिफ्लेक्टर गायब हैं।
रिफ्लेक्टर बिना सड़कों पर दौड़ रहीं ट्रैक्टर-ट्राॅलियां
घने कोहरे में दृश्यता बहुत कम हो जाती है ऐसे में रिफ्लेक्टर व इंडिकेटर के अभाव में यह ट्राॅलियां दिखाई नहीं देंगी जिससे बड़ा हादसा होने का भय बना रहेगा। रात के समय ट्रैक्टर-ट्रालियां सड़क पर दौड़ती ज्यादा मिल जाती हैं। इन ट्रैक्टर-ट्रालियों के पीछे किसी तरह का रिफ्लेक्टर या इंडिकेटर तक नहीं होता। ऐसे में रात के समय यह कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
जिस समय सड़क का निर्माण हुआ उस समय रिफ्लेक्टर लगाए जाते है, लेकिन आमजन की ओर से उन्हें उखाड़ लिया जाता है। अगर इस तरह की समस्या बनी हुई है तो जांच करवाकर रिफ्लेक्टर लगवा दिए जाएंगे।
राहुल चहल, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग