रोहतक। खराब प्रिंटर न बदलने पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कंपनी को 10 हजार रुपये हर्जाना देने का फैसला सुनाया है। प्रिंटर की लागत राशि 13 हजार 500 रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाए जाने को भी कहा है।
आयोग के रिकाॅर्ड के मुताबिक सेक्टर-4 निवासी पवन कुमार ने मई 2023 में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में याचिका दायर की थी। इसमें बताया कि उसने मई 2022 में अप्पू घर के नजदीक दुकान से कंपनी का 13 हजार 500 रुपये में प्रिंटर खरीदा। कुछ समय बाद प्रिंटर ने काम करना बंद कर दिया। पेज प्रिंट नहीं हो रहे थे। उसने दुकानदार व कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर चार बार शिकायत की थी। प्रिंटर के अंदर तकनीकी दिक्कत थी, उसे बदला नहीं गया। उपभोक्ता ने कंपनी, कस्टमर केयर कार्यालय व दुकानदार को पार्टी बनाकर 18 प्रतिशत ब्याज सहित प्रिंटर की लागत राशि लौटाने, एक लाख रुपये मानसिक उत्पीड़न करने पर देने व 11 हजार रुपये कानूनी खर्च के देने की मांग की थी। आयोग ने नोटिस भेजा और दोनों पक्षों की सुनवाई की। आयोग ने तथ्यों के आधार पर कंपनी की सेवा में कमी मानते हुए फैसला दिया है कि उपभोक्ता को प्रिंटर की लागत राशि साढ़े 13 हजार 9 प्रतिशत ब्याज सहित लौटानी होगी। साथ ही पांच-पांच हजार रुपये हर्जाना व कानूनी खर्च के तौर पर भी देने होंगे।