रोहतक। विधानसभा चुनाव से पहले निगम क्षेत्र की बची 26 अवैध कॉलोनियों को भी वैध किया जा सकता हैं। मंथन के लिए 13 अगस्त मंगलवार को निगम आयुक्त अजय कुमार की अध्यक्षता में नगर निगम, नगरपालिका(महम, सांपला, कलानौर), बिजली, जनस्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की बैठक होगी। इसमें कॉलोनियों के अलावा वैध कॉलोनियों में मौजूद अवैध किला नंबर व खसरा नंबर को सही करने के लिए भी मंथन किया जाएगा।
2011 के जनसंख्या सर्वे में शहर की आबादी पौने चार लाख थी, अब अनुमान है कि आबादी 6 लाख को पार कर चुकी है। क्योंकि हर साल गांवों से लोग शहर में आकर बस रहे हैं। इसके लिए शहर के बाहरी क्षेत्र में अवैध कॉलोनियां विकसित होती हैं। नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक, 2019 से अब तक शहर में 143 अवैध कॉलोनियां पनप चुकी हैं। क्योंकि सरकार ने 2018 में 99 कॉलोनियां को वैध किया था, उस समय 50 प्रतिशत से कम विकसित कॉलोनियां को छोड़ दिया गया था। 25 जुलाई को मुख्यालय की तरफ से प्रदेशस्तर पर 131 कॉलोनियों को वैध किया गया, इसमें रोहतक की नौ कॉलोनियां शामिल थीं। हालांकि निगम की तरफ से 35 कॉलोनी मुख्यालय भेजी गई थी।
अवैध टुकड़े दे रहे दर्द, तहसील में नहीं हो रही रजिस्ट्री
2024 में वैध हुईं शहर की नौ कॉलोनियों में रजिस्ट्री शुरू हो गई है, लेकिन इनके अंदर कुछ किला नंबर व खसरा नंबर तहसील के रिकाॅर्ड में नहीं चढ़े हैं। ऐसे में उनको वैध नहीं माना गया है। आम लोग निगम से एनडीसी निकलवा कर तहसील ले जाते हैं, लेकिन तहसील की ओर से रिकाॅर्ड का मिलान करने के बाद रजिस्ट्री करने से इन्कार कर दिया जाता है। हर दूसरे दिन ऐसे केस तहसील प्रशासन के सामने आ रहे हैं। डीसी के सामने बैठक में इन टुकड़ों भी मंथन होगा।
दो साल से लोग परेशान, निगम व तहसील को अलग किया जाए
टुकड़ों की रजिस्ट्री न होने से लोग परेशान हैं। दो साल से रजिस्ट्री नहीं हो रही हैं। अवैध कॉलोनियों को भी जल्द वैध किया जाए। सरकार को चाहिए तहसील व निगम का कार्य अलग कर दिया जाए। पहले की तरह एनडीसी की शर्त नहीं होनी चाहिए। क्योंकि निगम टुकड़ों की आईडी नहीं बना रहा, तहसील में बिना आईडी रजिस्ट्री नहीं होती है।
-मदनलाल कुरड़ा, पूर्व पार्षद
साफ्टवेयर के अंदर अभी टुकड़ों की रजिस्ट्री की अनुमति नहीं दी गई है। नौ वैध हुईं कॉलोनियों की रजिस्ट्री होने लगी हैं।
-बंसीलाल, नायब तहसीलदार, रोहतक