रोहतक। प्रदेश में भाजपा की लगातार तीसरी बार सरकार बन रही है, लेकिन जिले में 2019 की तर्ज पर फिर सफाया हो गया। कांग्रेस हलके की चारों सीट जीतने में कामयाब रही। गढ़ी सांपला-किलोई से पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा लगातार छठी बार, कलानौर से शकुंतला खटक लगातार चौथी बार, रोहतक शहर से भारत भूषण बतरा तीसरी बार विधायक बने। महम से चार बार विधायक रहे आनंद सिंह दांगी अपने बेटे बलराम दांगी को पहली बार विधायक बनवाने में सफल रहे।
गढ़ी सांपला : हुड्डा का किला और मजबूत
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपना किला गढ़ी सांपला को और मजबूत कर लिया है। पांच साल पहले हुड्डा ने भाजपा के सतीश नांदल को 58 हजार 312 से हराया था, लेकिन अबकी बार मंजू हुड्डा को 71 हजार 465 से मात दी। हुड्डा के बढ़ते वोट बैंक की वजह उनका मुख्यमंत्री के तौर पर चेहरा रहा है। मंजू हुड्डा को 37074 वोट मिले, जबकि पांच साल पहले नांदल को 39 443 मत मिले थे। इनेलो को 1496 तो जजपा को मात्र 480 वोट मिले हैं।
हार-जीत के तीन कारण
: हुड्डा प्रदेश के कद्दावर नेता व मुख्यमंत्री पद का चेहरा।
: हलके में भाजपा का जमीनी वोट बैंक न होना।
: भाजपा प्रत्याशी के पास अनुभव की कमी।
रोहतक शहर : ग्रोवर की आपत्ति खारिज, रात 10 बजे बतरा बने विजेता
हलके का रात 10 बजे तक चुनाव परिणाम फंसा रहा। देर रात चुनाव अधिकारी ने भाजपा प्रत्याशी मनीष ग्रोवर, निर्दलीय प्रत्याशी भारत भूषण बतरा व अश्वनी मलिक की दोबारा मतगणना की अर्जी खारिज कर दी। कांग्रेस प्रत्याशी भारत भूषण बतरा को 1341 वोट से विजेता घोषित कर दिया। मनीष ग्रोवर का भाग्य ने फिर साथ नहीं दिया। ग्रोवर को पंजाबी बहुल इलाकों के अलावा पुराने शहर में अच्छा समर्थन मिला, जबकि बीबी बतरा सेक्टरों व आउटर में आगे रहे। 14 राउंड के बाद बतरा 2 वोट से आगे थे, लेकिन आखिरी राउंड में बतरा की बढ़त 1025 हो गई, इसमें जनता कॉलोनी के अलावा विजय नगर, कमला नगर सहित आसपास का एरिया था। साथ ही पोस्टल बैलेट के वोट जोड़कर बतरा 1341 वोट से विजयी रहे। हालांकि चुनाव परिणाम देर रात 10 बजे के बाद घोषित हो सका।
हार-जीत के तीन कारण
: हुड्डा प्रभावित क्षेत्रों में बतरा को एकतरफा समर्थन।
: पंजाबी बहुल क्षेत्र में ग्रोवर को नहीं मिले एकतरफा वोट।
: जनता कॉलोनी व आसपास के क्षेत्र में बतरा को ज्यादा वोट मिले।
महम : राधा की मजबूती कुंडू पर पड़ी भारी, दांगी जीते
प्रदेश की हॉट सीट महम में भाजपा की बागी प्रत्याशी राधा की मजबूती हजपा प्रत्याशी बलराम कुंडू पर भारी पड़ गई। हुड्डा फैक्टर के चलते कांग्रेस प्रत्याशी बलराम दांगी 18 हजार 60 वोट से विजयी रहे। दूसरे स्थान पर हजपा प्रत्याशी बलराम कुंडू को 38805, राधा अहलावत को 29211, भाजपा के दीपक हुड्डा को 8929 व आप के विकास को 8610 वोट मिले। दांगी के लिए भूपेंद्र, दीपेंद्र और आशा हुड्डा ने वोट मांगे। उन्होंने हलके के लोगों को बताया कि अबकी बार कांग्रेस सरकार आ रही है।
हार-जीत के तीन कारण
: बलराम के पिता आनंद सिंह दांगी का पुराना वोट बैंक व जुड़ाव।
: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का आशीर्वाद व प्रचार।
: विरोधी मतों का कुंडू, राधा, दीपक व विकास में बंटना।
कलानौर : अजेय खटक की राह नहीं रोक सकी डाबला
कांग्रेस प्रत्याशी शकुंतला खटक कलानौर हलके से 2009 से अजेय है। भाजपा ने खटक की राह रोकने के लिए रामअवतार की जगह रेनू डाबला को मैदान में उतारा। केंद्रीय नेताओं के प्रचार व निर्दलीय प्रेम प्रधान की मजबूती के बावजूद डाबला जीत नहीं सकी। शकुंतला खटक ने रेनू डाबला को 12232 वोटों से हराया। खटक को 69248 तो डाबला को 57116 वोट मिले। निर्दलीय प्रेम प्रधान को 11 हजार 415 मतों से संतोष करना पड़ा।
हार-जीत के तीन कारण
: हुड्डा परिवार का खटक के लिए जोरदार प्रचार
: जाट बहुल गांव में एकतरफा समर्थन
: भाजपा प्रत्याशी के पास अनुभव की कमी व धरातल पर व्यक्तिगत कैडर का अभाव।