संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। गोवा में चल रहे 22वें नेशनल पैरा गेम्स में हनी ने जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीतकर नाम राेशन किया है। उन्होंने 50 मीटर दूर भाला फेंककर यह उपलब्धि हासिल की है। इस जीत से परिवार में भी खुशी की लहर दाैड़ गई। मानसिक रूप से कमजोर होकर भी यह खिलाड़ी हार नहीं मानते हैं। राजीव गांधी खेल परिसर में रोजाना 6 घंटे अभ्यास के बूते हनी ने यह उपलब्धि हासिल की है।
अपनी बीमारी को कभी खेल के बीच नहीं ले जाने वाले हनी दूसरों पर निर्भर न रहकर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। खिलाड़ी ने 17 वर्ष की आयु में प्रदेश के लिए चार स्वर्ण पदक जीते हैं। वर्ष 2023 मेें एशियन पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक, ओपन इंटर नेशनल टूर्नामेंट 2023 में स्वर्ण पदक, 21वीं नेशनल चैंपियनशिप 2023 में स्वर्ण पदक जीता है। अब नए साल में गोवा में हुए नेशनल पैरा गेम्स में एक और स्वर्ण पदक हासिल किया है।
झज्जर के गोरिया गांव के रहने वाले हैं
मूलरूप से झज्जर के गोरिया निवासी हनी 17 वर्ष का है। पिता का नाम सुरेंद्र कुमार व माता का नाम सरिता देवी है। बचपन से ही दिमागी रूप से कमजोर रहे इस खिलाड़ी की बहन भी खेलों में हिस्सा लेती रहती हैं। बहन के कोच ने ही उसे भी पैरा खेलों में हिस्सा लेने की राह दिखाई। इसके चलते परिजनों ने उसे पैरा गेम्स से जुड़ने के लिए उसकी तैयारी कराई। हनी वर्ष 2023 में हुए एशिया पैरा गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।
विवाद में उलझा पूजा का पदक, रोका परिणाम
नेशनल पैरा गेम्स में पूजा ने रेस में हिस्सा लेकर प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पूजा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बढ़त बनाई। उनके जीत दर्ज करने से पहले ही प्रतिभागियों ने सभी श्रेणियों के मुकाबले एक साथ कराने पर सवाल उठाते हुए विरोध कर दिया। यह मामला अधिकारियों तक भी पहुंचा। इसके चलते परिणाम रोक दिया गया। अब यह परिणाम अंतिम दिन जारी होगा।