हाईप्रोफाइल अनट्रेस केस एक तरफ पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं तो दूसरी तरफ आम लोग थाने व चौकी प्रभारियों से ज्यादा पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर विश्वास कर रहे हैं। यहीं कारण है कि हर रोज 50 से 60 लोग शिकायत लेकर कार्यालय पहुंच रहे हैं। एसपी उदय सिंह मीना का कहना है कि हर सोमवार को पेंडिंग शिकायतों की अपडेट ली जाती है। जहां तक अनट्रेस केसों का सवाल है, पुलिस अपनी तरफ से उनको हल करने का पूरा प्रयास कर रह है।
चार माह बाद भी नहीं सुलझी सेक्टर एक में हुई ढाई करोड़ की लूट
अप्रैल में शहर के सेक्टर एक में बाइक सवार दो बदमाशों ने दिनदहाड़े एटीएम में पैसे डालने गई एजेंसी के सुरक्षा गार्ड को गोली मारकर 2 करोड़ 62 लाख लूटकर ले गए थे। वारदात को चार माह होने वाले हैं, लेकिन अभी तक लुटेरों को नहीं पकड़ा जा सका है। पुलिस यह भी नहीं पता लगा पाई है कि वारदात करने वाले कौन हैं। जिला पुलिस की सीआईए भी लुटेरों को नहीं पकड़ सकी।
डेयरी संचालिका हत्या किसने की नहीं लगा पाए पता
बोहर गांव के नजदीक लक्ष्मी नगर में जून 2021 में डेयरी संचालिका सुनीता की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने तलवार से उसका गला काट दिया था। साथ ही मौके पर ही तलवार छोड़कर फरार हो गए थे। उस समय सुनीता घर पर अकेली थी। उसका बेटा सुमित दूध सप्लाई करने के लिए शहर गया हुआ था। अर्बन एस्टेट थाने में सौतेले बेटे के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ था, लेकिन पुलिस जांच में आरोपी को क्लीनचिट मिली थी। अभी तक पुलिस 45 वर्षीय सुनीता के हत्यारों को गिरफ्तार करना तो दूर, यह भी नहीं पता लगा सकी है कि वारदात किसने और क्यों की।
आईएमी ब्लॉस्ट : एनआईए की जांच के बाद भी नहीं खुला राज
31 जुलाई 2021 की सुबह खरावड़ गांव के नजदीक आईएमटी में सुबह साढ़े 5 बजे सार्वजनिक नलके के पास देसी बम से धमाका किया गया था। धमाके की चपेट में आने से खरावड़ गांव के 57 वर्षीय बुजुर्ग राजकुमार घायल हो गए थे। उनकी एक आंख की रोशनी, हाथ का अंगूठा और अंगुली खत्म हो गई थी। दिल्ली व चंडीगढ़ से एनआईए की टीम भी रोहतक पहुंची थी। घायल बुजुर्ग से पीजीआई में पहुंचकर पूछताछ भी की थी, लेकिन जिला पुलिस ब्लास्ट के आरोपियों को पकड़ना तो दूर यह भी नहीं पता लगा पाई है कि स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले हुए ब्लॉस्ट किसने किया था।
ब्लैक स्कूटी सवार झपटमार का नहीं लगा पाई पता
शहर के पॉश इलाके सेक्टर में झपटमारी की आधा दर्जन वारदात कर चुका ब्लैक स्कूटी सवार अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जब अर्बन एस्टेट थाना पुलिस आरोपी को पकड़ने में कामयाब नहीं हुई तो एसपी ने एवीटी स्टॉफ को इसकी जिम्मेदारी दी, लेकिन अभी तक झपटमार पुलिस के हाथ नहीं लगा है। हालांकि पिछले दो माह से झपटमारी की वारदात जरूर कम हुई है।
रिटौली रंजिश : नहीं हाथ आ रहा मोस्टवांटेड हिमांशु उर्फ भाऊ
गांव सैमाण और रिटौली में आपसी रंजिश को लेकर कई वारदात हो चुकी हैं। पुलिस मोस्टवांटेड सूची में शामिल सैमाण के मटरी पहलवान को तो गिरफ्तार करने में सफल रही है, लेकिन रिटौली का हिमांशु उर्फ भाऊ तीन साल से हाथ नहीं आ रहा है। उसके ऊपर पुलिस इनाम भी रख चुकी है।
थानों के बजाय एसपी कार्यालय ज्यादा पहुंच रहे लोग
जिले में 17 पुलिस स्टेशन हैं, जबकि बहुअकबरपुर, महिला थाना व साइबर थाने को छोड़कर बाकी के तहत दो से तीन पुलिस चौकी हैं। इसके बावजूद हर रोज पुलिस अधीक्षक कार्यालय में औसतन 50 के करीब लोग शिकायतें लेकर पहुंचते हैं। इसके अलावा आईजी कार्यालय व गृहमंत्री अनिल विज के कार्यालय में भी शिकायतें पहुंचती हैं। अब थाना व चौकी प्रभारियों की कार्यशैली से आम लोग संतुष्ट नहीं हैं या भरोसा कम है, यह तो पुलिस प्रशासन ही बता सकता है।
पुलिस मोस्टवांटेड मटरी और गोगी सहित कई कुख्यात अपराधियों को पकड़ने में कामयाब रही है। हालांकि ढाई करोड़ की लूट जरूर चुनौती बनी हुई है। ब्लैक स्कूटी सवार को काबू करने के लिए दबिश दी गई। इसका प्रभाव यह रहा कि आरोपी चाहे हाथ नहीं आया, लेकिन वारदात रोकने में पुलिस कामयाब हुई है। अनट्रेस वारदात खोलने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। जहां तक शिकायतों का सवाल है, थानों में भी हेल्प डेस्क बनी हैं। सभी शिकायतों की एसपी कार्यालय से मॉनीटरिंग की जाती है। हर सोमवार को वे खुद रिपोर्ट लेते हैं। जांच अधिकारी की जवाबदेही तय की जाती है।
उदय सिंह मीना, पुलिस अधीक्षक रोहतक