14सीटीके42...एमडीयू में धरने पर बैठे शिक्षक। संवाद
रोहतक। रविवार को हरियाणा फेडरेशन ऑफ कॉलेज यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (एचएफसीयूटीओ) की ऑनलाइन बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता एचएफसीयूटीओ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विकास सिवाच ने की।
डॉ. सिवाच ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से विश्वविद्यालय व महाविद्यालय के शिक्षकों को पिछले 9 साल से प्रताड़ित किया जा रहा है। उनकी किसी भी मांग पर पूर्ण रूप से कोई सुनवाई नहीं होती। सरकारी व एडेड महाविद्यालयों के शिक्षकों की फाइलें शिक्षा विभाग में धूल चाटती रहती है। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरथल विश्वविद्यालय, वाईएमसीए विश्वविद्यालय व महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में कुलपतियों ने तानाशाही का माहौल बना रखा है।
उन्होंने कहा कि काफी साल से मुख्यमंत्री से हम समय मांग रहे हैं, लेकिन अब तक नहीं मिला है। यही कारण है कि सूबे में सभी महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा में कार्य कर रहे शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारियों की मूलभूत सुविधाओं की मांग लंबित हैं। बैठक में यह फैसला लिया गया कि एक बार फिर एचएफसीयूटीओ शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री से पत्र लिखकर समय मांगेंगे।
एआईएफसीटीओ नॉर्थ जोन के उपाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र चाहर, हरियाणा के सभी एडिड कॉलेज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दयानंद, हरियाणा के सभी गवर्नमेंट कॉलेज के प्रदेश अध्यक्ष अमित चौधरी, एचएफसीयूटीओ के प्रदेश सचिव डॉ. सुनील, वाईएमसीए विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ के डॉ. संजय, मुरथल विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र, एचसीटीए के प्रदेश सचिव डॉ. राजेंद्र, गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ के सीनियर उपस्थित रहे।