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डेंगू के 19 और मलेरिया के दो मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी चिंता

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डेंगू के 19 और मलेरिया के दो मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की उड़ी नींद
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दिन में कर रहे बुखार के मरीजों की जांच तो रात को जागरूक
फोटो: 27 सीटीवाई 126 पीएएन
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में डेंगू के 19 व मलेरिया के दो मरीजों की पुष्टि कर दी है। तीन दिनों तक लगातार हुई बारिश ने भी विभाग की नींद उड़ा दी है। क्योंकि जगह-जगह जलभराव हो गया है। इससे मच्छरजनित बीमारियां आमजन को अपना शिकार बना सकती हैं। इससे निपटने के लिए विभाग ने दिन में मरीजों की अधिक से अधिक जांच करने और रात में रामलीलाओं में जागरूक करने का अभियान छेड़ा है।
जिला अस्पताल व पीजीआईएमएस में प्रतिदिन 450 से अधिक बुखार के मरीजों की ओपीडी की जा रही है। आपातकालीन विभाग में भी बुखार के मरीजों की संख्या तकरीबन 100 के पार पहुंच गई है। मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 10 टीमों को जांच के लिए लगाया हुआ है, जो जगह-जगह जाकर एंटी लार्वा एक्टिविटी अभियान चला रही हैं। जिस एरिया में बुखार के मरीज मिल रहे हैं वहां आसपास रहने वाले लोगों की जांच के लिए सैंपल लेकर जांच करवा रहे हैं। सबसे अधिक समस्या आउटर एरिया में है। इस साल खास यह है कि शहर के पॉश एरिया भी मच्छरजनित बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों व क्लीनिकों में भी बुखार के मरीजों की कतार लगी है।
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लोगों को कर रहे हैं जागरूक : डॉ. बिरला
सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि बारिश के बाद पानी भरने से मच्छरजनित रोगों में इजाफा हो सकता है। इसे रोकने के लिए टीम को अलर्ट किया गया है। बुखार के मरीज पहले से अधिक आ रहे हैं। रात को इन दिनों रामलीला आयोजनों में हमने टीम को तैनात किया है, जोकि लोगों को बीमारी फैलने से रोकने के लिए जागरूक कर रहे हैं। इसके साथ शिकायत व सुझाव पुस्तिका भी मौके पर रखवाई गई है। इसमें जनता सुझाव व अपनी समस्या तथा शिकायत दे सकती है। इस पर अमल किया जाएगा। विभाग 3866 लोगों को नोटिस जारी कर चुका है।
अक्तूबर में बढ़ सकते हैं डेंगू के मरीज स्वास्थ्य विभाग को भय है कि पार्कों, खाली प्लाटों में पानी रुका है। मौसम व तापमान मच्छरों के अनुकूल है। ऐसे में अक्तूबर में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। इसी संभावना के चलते विभाग ने नगर निगम को अलर्ट करते हुए स्वयं की टीमों को मैदान में उतार रखा है।
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सावधानी से ही हो सकता है बचाव : डॉ. शिवकुमार
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. शिवकुमार ने बताया कि बदलते मौसम में डेंगू, वायरल फीवर, मलेरिया, चिकनगुनिया, स्क्रब टाइफस, कोरोना और लेस्टोस्पाइरोसिस का खतरा रहता है। इनके लक्षण लगभग एक जैसे हैं। सावधानी बरतने से इनका खतरा काफी कम हो सकता है। घर में कूलर की टंकी से पानी खाली कर दें। साफ-सफाई रखें और मच्छर नहीं पनपने दें। दिन-रात पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
ध्यान दें
क्यूलेक्स मच्छर : इसके काटने से फाइलेरिया होता है। यह अंधेरे में व नाली में रहता है। इसके काटने से खुजली होती है।
एडीज एजिप्टी : इसके काटने से डेंगू, चिकनगुनिया होता है। यह चार-पांच फीट ऊंचाई तक उड़ता है। यह मच्छर दिन में काटता है। यह साफ पानी में पनपता है।
एनाफिलीज : इस मच्छर की 400 से अधिक प्रजातियां हैं। इसके काटने से मलेरिया होता है। यह साफ और रुके हुए पानी में पैदा होता है। यह रात मेें काटता है।
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