फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak News: एचसीएमएस एसोसिएशन ने दी हड़ताल की चेतावनी

विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक। एचसीएमएस एसोसिएशन की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक शनिवार को हुई। इसमें डाक्टरों ने कमेटी के सदस्यों से अपने विभिन्न मुद्दों नीट, पीजी बाॅन्ड, एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन), केंद्र सरकार के अनुसार सभी भत्ते, डॉक्टरों की कमी, ओपीएस, डॉक्टरों के सभी सामान्य कार्यों में देरी, डायरेक्ट एसएमओ भर्ती पर विस्तार से चर्चा करी। डाक्टरों ने कहा कि हमारी मांगें समय पर पूरी न होने पर एसोसिएशन हड़ताल करने पर मजबूर हाेगी। मीटिंग में प्रधान डॉ. विश्वजीत राठी, उप प्रधान डॉ. भंवर सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ. गुंजन नेहरा व सीनियर मेंबर्स डॉ. सत्यवान, डॉ. अनिलजीत त्रेहान, डॉ. मंजु मेहरा, डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ. परितेव सिंह, डॉ. मनोज, डॉ. निखिल कुंडू, डॉ. विशाल मल्होत्रा, डॉ. मनोज कुमार और डॉ. करमजीत मलिक मौजूद रहे।
विज्ञापन


इन मुद्दों पर हुई चर्चा
1. एसोसिएशन की बॉन्ड कम करने की मांग सरकार ने हामी भरने के बाद भी आगे नहीं बढ़ पाई है। नीट पीजी की परीक्षा एक महीने बाद होने वाली है। बॉन्ड एक करोड़ से 50 लाख किया जाए और कुछ भी गिरवी न रखवा कर पोस्ट डेटेड चेक लिया जाए।
2. डॉक्टरों की लंबे समय से मांग रही है कि एसीपी (एश्योर्ड कॅरिअर प्रोग्रेशन) की फाइल को मुख्यमंत्री से अनुमति मिलने के बाद भी सरकार के पास लंबित है। उसको जल्दी से जल्दी अमल में लाया जाए।
विज्ञापन

3. केंद्र सरकार के अनुसार हरियाणा के सरकारी डॉक्टरों को भत्ते दिए जाएं, डॉक्टरों के किए जाने वाले कामों के लिए सरकार उचित गाइडलाइन जारी करे।
4. डॉक्टरों की कमी की वजह से जनता व डॉक्टर दोनों को समस्या का सामना करना पड़ता है। जनसंख्या के हिसाब से डॉक्टर काफी कम है।
5. पेंशन बहाली संघर्ष समिति तथा अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर एसोसिएशन पुरजोर तरीके से ओपीएस की लड़ाई लड़ती रहेगी व एनपीएस और जीपीएस की खिलाफत करती रहेगी।
6. डॉक्टर्स की एलटीसी, एसीपी केस, पोस्टमार्टम अलाउंस, सीसीएल छुट्टी अप्रूवल व अन्य कई कार्यों के लिए डीलिंग कर्मचारियों से कई जगह पैसे लिए जाते है। डीलिंग की जवाबदारी व समयसीमा तय हो व किसी भी देरी के लिए डीलिंग कर्मचारियों को चार्जशीट किया जाए।
7. डायरेक्ट एसएमओ भर्ती कई वर्षों से बंद है। कई वर्ष बाद अचानक से अगर बड़ी संख्या में सरकार डायरेक्ट एसएमओ भर्ती करती है, तो जो डॉक्टर 20 साल की नौकरी के बाद भी पहले प्रमोशन से एसएमओ तक नहीं बन पाए। उनके लिए यह अन्याय होगा, यह तरीका अगर अपनाया गया तो यह कोर्ट में भी चैलेंज होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें