13सीटीके12... गद्दी खेड़ी गांव में सेना के जवान को श्रद्धांजलि देते ग्रामीण। संवाद
रोहतक। गुजरात में ड्यूटी पर तैनात रोहतक निवासी आर्मी के हवलदार का ब्रेन हेमरेज होने के कारण निधन हो गया। उनका दो दिन तक अस्पताल में इलाज चला और चिकित्सक उन्हें बचा नहीं पाए। वीरवार को उनके पार्थिव शरीर को गांव गद्दी खेड़ी में लाया गया और सेना के जवानों ने सैनिक सम्मान के साथ उनको अंतिम विदाई दी। सूचना मिलते ही रिश्तेदार और आसपास के गांव के लोगों का जनसैलाब उमड़ गया।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव गद्दी खेड़ी निवासी मोहित कलकल (28) की आर्मी में 10 साल पहले यूनिट वर्कशॉप में बतौर कांस्टेबल के रूप में नियुक्ति हुई थी। मगर कुछ दिन बाद उनकी पदोन्नति हुई और वह हवलदार बन गए। वर्तमान में वह मेजर की पदोन्नति के पूर्व गुजरात के वड़ोदरा में छह माह पहले ही ट्रेनिंग के लिए गए थे और पांच माह का प्रशिक्षण अभी शेष था। चचेरे भाई राजेश कलकल ने बताया कि वह अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे और उनसे बड़ी दो बहनें हैं। दोनों शादी-शुदा हैं और अपने परिवार के साथ रह रही हैं। मोहित की शादी चार साल पहले हुई थी और उनको तीन साल की बेटी जीनत है। इस घटना से उनका पूरा परिवार टूट गया है। एक माह पहले ही कुछ दिन की छुट्टी बिताकर वह गांव से ट्रेनिंग पर गए थे। ग्रामीणों ने भी सेना के अधिकारियों से शहीद का दर्जा दिलाने की मांग की है।
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सेनाध्यक्ष को पत्र लिख शहीद का सम्मान दिलाने की मांग
जयहिंद सेना प्रमुख डॉ. नवीन जयहिंद ने रोहतक के गांव गद्दी खेड़ी में मोहित कलकल के अंतिम संस्कार में पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सेनाध्यक्ष को पत्र लिखकर मोहित को शहीद का सम्मान दिलाने की मांग की है।